‘इस’ कारण यूट्यूब (Youtube) CEO अपने बच्चों को यूट्यूब (Youtube) सेही रखती है दुर

पुणेसमाचार ऑनलाइन- आज के समय में मोबाईल ने हर किसी की लाइफ को सीमित कर दिया है, फिर वो चाहे बड़ा हो या छोटा बच्चा. बड़ों ने पहले की तरह लोगों से घुलना-मिलना छोड़ दिया है, तो बच्चों ने खेल की जगह मोबाईल फोन के गेम्स को अपना बचपन समझ लिया है. एक छोटे से परिवार में गिनते के सदस्य भी मुश्किल से कुछ समय साथ बिता पते हैं. इस बात से सिर्फ हम ही नहीं YouTube जैसे पॉपुलर वीडियो चैनल की CEO भी इत्तेफाक़ रखती हैं.

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान YouTube की CEO सुसान वोजसिकी ने बताया कि, “ऐसा समय भी आता है कि, मैं अपने सभी बच्चों के फोन छीन लेती हूं, स्पेशली जब हम फैमिली वेकेशन पर होते हैं क्योंकि मैं चाहती हूं कि वे एक-दूसरे के साथ बातचीत करें… जितना बच्चे फोन से दूर रहते हैं, हम उतना ही समय साथ बिता पाते हैं. फोन बच्चों को माता-पिता से दूर ले जाते हैं. वे आगे कहती हैं, “No phones at the dinner table.” (डिनर टेबल पर कोई फोन नहीं!)

बता दें कि उनसे पूछा गया था कि, आप अपने बच्चों का स्क्रीन टाइम (मोबाइल देखने में बिताया गया समय) अन्य गतिविधियों के साथ कैसे संतुलित करती हैं? इस सवाल के जवाब में सुसान वोजसिकी ने यह जवाब दिया था.

WHO ने भी अधिक screen टाइमिंग को बताया है खतरनाक

गौरतलब है कि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के बच्चों को एक घंटे से अधिक समय के लिए स्क्रीन टाइम या मोबाईल फोन देखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित करता है. शारीरिक गतिविधी की कमी के कारण मोटापे का जोखिम बढ़ सकता है साथ ही बच्चों को नींद के पैटर्न की गुणवत्ता व मस्तिष्क स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है.

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