आश्चर्यजनक ! मराठवाड़ा के इस श्मशान भूमि में मनाया जाता है जन्म दिन, भजन और योगासन 

निलंगा : समाचार ऑनलाईन –  श्मशान भूमि की तरफ जाना हम सभी टालते है. किसी की मौत ह गई तो कोई जाता है ।   लेकिन यहां न कोई बैठता है और न ही सेलिब्रेशन ही करता है।  लेकिन श्मशान भूमि में कीर्तन, भजन और जन्म दिन मनाते कभी किसी को देखा है क्या ? ऐसा सोच कर भी हम घबराते है ।   लेकिन निलंगा के एक श्मशान भूमि में यह सभी कार्यकर्म किया जाता है।

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श्मशान भूमि का सुशोभीकरण किया है 
निलंगा तालुका के करीब 52 सामाजिक संगठनों ने एक साथ मिलकर श्मशान भूमि के सुशोभीकरण का काम किया है।  इन संगठनों के कायकर्ता हर दिन सुबह जाकर ये काम करते है ।  जो श्मशान भूमि अब तक उजाड़ बना हुआ था उसकी तस्वीर बदल गई है।  खाली जगह में करीब 2 हज़ार पेड़  कार्यकर्ताओं ने लगाए है । अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के बैठने की लिए कोई सुविधा नहीं थी । वहां अब 56 बैठने की व्यवस्था है ।   खुले में होने वाला अंतिम संस्कार अब शेड में होता है।
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इसका नाम शांतिवन रखा गया है
कार्यकर्ताओं ने इस श्मशान भूमि का नाम  शांतिवन रखा है. इस श्मशान भूमि का सुशोभीकरण करने के बाद यहां केवल अंतिम संस्कार ही नहीं होता है ।  यहां अन्य कार्यकर्म भी होते है ।  इसके लिए पहल करने वाले मराठा सेवा संघ के तालुका अध्यक्ष एम.एम. जाधव ने अपना जन्म दिन यही श्मशान भूमि में सेलिब्रेट किया। इसके बाद से लोग यहां अन्य कार्यकर्म करने लगे है ।
भजन मंडली शाम के वक़्त भजन करते हैं 
अब इस श्मशान भूमि में शहर की भजन मंडली शाम के वक़्त भजन करते है ।जबकि कई युवको ने यहां जन्म दिन मनाकर अंधश्रद्धा निर्मूलन का संदेश दिया है ।
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