राजीव सातव की जगह पर अब कौन ? राहुल गांधी और प्रियंका गांधी में नामों को लेकर मतभेद

नई दिल्ली, 4 जून : महाराष्ट्र कांग्रेस के  दिग्गज नेता और  सांसद राजीव सातव की कुछ दिनों पहले कोरोना से मौत हो गई. वे गुजरात कांग्रेस के प्रभारी थे. ऐसे में अब गुजरात कांग्रेस प्रभारी पद की जिम्मेदारी किसे मिलेगी ? इस पर तमाम नेताओं की नज़रे टिकी हुई है।  सातव के जाने से दो पद खाली हो गया है। राज्यसभा के सदस्य और गुजरात प्रभारी। इन दोनों जगह पर आने के लिए कांग्रेस के नेता फील्डिंग लगा रहे है।  सातव की जगह पर महाराष्ट्र कांग्रेस के दो नामों  की खास चर्चा है। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अशोक गहलोत मिलकर नए नाम तय करेंगे।  इसमें महाराष्ट्र कांग्रेस  वासनिक और पूर्व महासचिव अविनाश पांडे  के नाम  की चर्चा है।

सूत्रों से  मिली जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी मुकुल वासनिक के नाम के  पक्ष में है.  राहुल गांधी अविनाश पांडे  के नाम को पसंद कर रहे है. पांडे सोनिया गांधी का भी विश्वासपात्र माना जाता है।  खास बात यह है कि राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी पद पर रहते हुए उन्होंने सचिन पायलट को पार्टी से दगाबाजी के खेल में गिराने  में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया था।  इसलिए कहा जा रहा है कि अविनाश पांडे के नाम का अशोक गहलोत भी समर्थन करेंगे। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के वक़्त अविनाश पांडे को सोनिया गांधी के वार रूम का प्रभारी बनाया गया था। उस वक़्त  शिवसेना के साथ सरकार में शामिल अविनाश पांडे और अशोक गहलोत दोनों ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  पांडे की देखरेख में करीब महीने भर तक कांग्रेस के विधायक जयपुर में सुरक्षित थे. उनकी सारी व्यवस्था करने की जिम्मेदारी पांडे पर थी।

इसलिए मौजूदा समय में पांडे का नाम सबसे आगे है। मुकुल वासनिक का पार्टी का संगठनात्मक काम महत्वपूर्ण है।  शुरुआत से ही वह कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण नेता रहे है। लेकिन गुजरात कांग्रेस के वाद-विवाद को छुड़ाकर स्थानीय स्तर पर अपनी सुलह कराने में वह ज्यादा प्रभावी साबित नहीं होंगे।  उन्हें गुजरात और वहां की राजनीतिक स्थिति समझने में काफी वक़्त लगेगा। लेकिन फ़िलहाल ज्यादा वक़्त लेने की स्थिति नहीं है। क्योंकि अगले साल गुजरात में चुनाव होना है. इन दोनों नाम के अलावा नीरज डागी, पूर्व मंत्री रघुवर सिंह मीणा और हर्षवर्धन सपकाल का नाम भी चर्चा में है. अब किनका चयन होता है देखना दिलचस्प होगा।

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