पुलिस अधिकारी से बात करते समय पूर्व मंत्री की जुबान फिसली, कहा- तुम सरकार के कुत्ते बन गए हो

अमरावती: एमपीएससी की परीक्षा की तारीख अगे बढाने का निर्णय लेने के बाद परेशान छात्र सड़क पर उतर गए। आंदोलन कर सरकार का विरोध किया। पुणे में शुरू हुआ यह आंदोलन पूरे राज्य में फैल गया। वही अमरावती में छात्रो के इस आंदोलन ने तो हिंसक रूप ले लिया। पुलिस ने छात्रो का कॉलर पकड़ जबरदस्ती गाड़ी में बिठाया। इस पर पूर्व मंत्री अनिल बोंडे और पुलिस में शाब्दिक झड़प हो गयी।

पुलिस ने कहा कि हम सरकार से मांग कर रहे हैं, आप से नहीं, अगर आपने आंदोलन किया है तो उस पर हमे नियंत्रण लाना ही होगा, आप हमें हमें दिमाग क्यों दे रहे हैं? पुलिस के इस प्रश्न का जबाब देते हुए अनिल बोंडे ने कहा कि इतने छात्र छात्राओं को आपने अंदर डाला है, आपको कुछ समझ नहीं आता है क्या? इस पर पुलिस और बोंडे में विवाद हो गया। उसके बाद प्रतिउत्तर में बोंडे ने कहा कि तुम सरकार के कुत्ते हो। इस पर गुस्से में आए पुलिस अधिकारी ने भी कहा कि फिर आप भी कुत्ते ही हैं और पुलिस नए बोंडे को गिरफ्तार कर लिया।

क्या है मामला?

अमरावती में आंदोलन कर रहे छात्रो को पुलिस ने अपनी गाड़ी में भर लिया था। इन छात्रो को बाहर निकालने के लिए आए पूर्व कृषी मंत्री अनिल बोंडे ने पुलिस अधिकारी का विरोध किया। बोंडे ने कहा कि छात्र अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस पर पुलिस थानेदार ने कहा कि कोरोना काल में आंदोलन नहीं कर सकते हैं, सरकार से मांग करो। इसपर बोंडे ने कहा कि सयम से बात करो। लड़कियो को पुलिस वैन में बंद कर रखा है। महिला पुलिस साथ नहीं है, ये सब चोर हैं क्या? ऐसा सवाल बोंडे ने किया। उन्होने यह भी कहा कि चोरमले तुम्हे नौकरी मिल गई है इसलिए क्या… इसी पर विवाद बढ़ गया।

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