फडणवीस सरकार के कार्यकाल में कहां लगाए गए 33 करोड़ पेड़, होगी जांच

मुंबई : ऑनलाइन टीम – फडणवीस सरकार के दौरान 33 करोड़ पेड़ लगाने की मुहिम शुरू की गई थी, पर कुछ विधायकों ने इसका दुरूपयोग किया है। इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा हुई और उसके बाद उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने 33 करोड़ पेड़ों के रोपण की जांच के लिए विधायकों की एक जांच समिति बनाने की घोषणा की। इस समिति का गठन 31 मार्च, 2021 तक किया जाएगा।

समिति को शुरू में चार महीने की अवधि दी जाएगी, अगर इस अवधि के भीतर काम पूरे नहीं हुए है, तो दो और महीने दिए जाएंगे और छह महीने में विधिमंडल को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अजीत पवार ने विधानसभा में यह घोषणा की। राज्य में 33 करोड़ पेड़ लगाने के अभियान के मामले की जांच के लिए 31 मार्च से पहले विधानमंडल की विशेष समिति बनाई जाएगी। इस समिति को चार महीने का समय दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर दो महीने अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसके बाद समिति को अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह ऐलान किया। शिवसेना के रमेश कोरगांवकर, अजय चौधरी, बालाजी किणीकर आदि सदस्यों ने इस अभियान से जुड़ा सवाल पूछा था। जवाब में राज्यमंत्री दत्तात्रय भरणे ने बताया कि इस अभियान में 2429.78 करोड़ रुपए की निधि खर्च हुई और 28.27 करोड़ पेड़ लगाए गए। अक्टूबर 2020 तक इसमें से 75.63 फीसदी पेड़ सुरक्षित थे। कांग्रेस के नाना पटोले द्वारा पेड़ न लगने की शिकायत के बाद उपमुख्यमंत्री पवार ने मामले की जांच के लिए समिति बनाने का ऐलान किया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने कहा कि लगभग 25 प्रतिशत पेड़ जीवित नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर केवल गड्ढे खोदे गए। पेड़ लगाया ही नहीं गया था। वृक्षारोपण कार्यक्रम में देवेंद्र फडणवीस, जयकुमार गोरे, प्रकाश साळुंके, धर्मरावबाबा भाग लिए थे।

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