2 से 18 साल के बच्चों और युवाओं के लिए वैक्सीन जल्द,  ट्रायल को मिली मंजूरी  

ऑनलाइन टीम. नई दिल्ली : ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने अपने निर्माता भारत बायोटेक लिमिटेड को दो से 18 साल के आयु वर्ग में कोवैक्सिन (कोविड वैक्सीन) के दूसरे-तीसरे फेज के क्लिनिकल परीक्षण की अनुमति दे दी है। ये जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को दी है।

दुनिया ने कोरोना के अंधकार भरे और निराशाजनक माहौल में, नए साल 2021 में क़दम रखा है। आज विश्व के तमाम देशों में कोविड-19 के कई टीकों को नियामक संस्थाओं से मंज़ूरी मिल चुकी है। उन्हें लगाने का अभियान बड़ी धूम-धाम से शुरू किया जा रहा है। महामारी के अंधकार भरे दौर में ये कई वैक्सीन, उम्मीद की नई किरण बनकर आई हैं। इन टीकों की मदद से आने वाले महीनों में कोविड-19 की महामारी पर क़ाबू पाने की उम्मीदें जगी हैं। मगर, इन उम्मीदों के साथ एक नया ख़ौफ़ भी जुड़ गया है। कोरोना वायरस ने एक नया रूप धर लिया है, जो कहीं ज़्यादा संक्रामक बताया जा रहा है। भारत में तीसरी लहर का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर होने की बात कही जा रही है। इस कारण सरकार काफी गंभीर है और कई नए कदम उठा रही है।

मंत्रालय ने कहा, परीक्षण 525 स्वस्थ स्वयंसेवकों में आयोजित किया जाएगा। परीक्षण में टीका इंट्रामस्क्युलर मार्ग द्वारा दो खुराक में 0 और 28 दिन पर दिया जाएगा। बता दें कि हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने दो से 18 साल के आयु वर्ग में कोवैक्सिन के दूसरे-तीसरे चरण का परीक्षण करने का प्रस्ताव दिया था। तीव्र नियामक प्रतिक्रिया के रूप में, प्रस्ताव इस वर्ष 11 मई को विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) (कोविड -19) में विचार-विमर्श किया गया था। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समिति ने प्रस्तावित दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण को कुछ शर्तों के लिए अनुमति देने की सिफारिश की।

बता दें कि विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को ही 2-18 आयुवर्ग के लिए भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके कोवैक्सीन के दूसरे/तीसरे चरण के लिए क्लीनिकल टेस्ट की सिफारिश की थी। बताया जा रहा है कि यह परीक्षण दिल्ली एवं पटना के एम्स और नागपुर स्थित मेडिट्रिना चिकित्सा विज्ञान संस्थान समेत विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा। भारत बायोटेक 525 स्वस्थ वॉलंटियर्स के साथ यह परीक्षण करेगा। केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 विषय विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को भारत बायोटेक द्वारा किए गए उस आवेदन पर विचार-विमर्श किया, जिसमें उसके कोवैक्सीन टीके की दो साल से 18 साल के बच्चों में सुरक्षा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने समेत अन्य चीजों का आकलन करने के लिए परीक्षण के दूसरे/तीसरे चरण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था।

कंपनी के आवेदन पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समिति ने प्रस्तावित दूसरे/तीसरे चरण के परीक्षण की अनुमति दिए जाने की सिफारिश की। बता दें कि अबतक देश में सिर्फ 18 साल से अधिक उम्र वालों के लिए ही वैक्सीन है। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड से देश में टीकाकरण अभियान चल रहा है। माना जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले बच्चों के लिए भी देश में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।

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