चाचा ने तानी पिस्तौल तो भतीजी पहुंची हाईकोर्ट

कोर्ट के आदेश के बाद चाचा व भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज

पिंपरी : समाचार ऑनलाईन – अंतरजातीय विवाह का विरोध कर रहे चाचा ने अपनी ही भतीजी की कनपटी पर पिस्तौल तानकर उसे और उसके प्रेमी को जान से मारने की धमकी दी। इसके चलते 19 वर्षीय लॉ की छात्रा ने अपने परिवार के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए पिंपरी चिंचवड पुलिस को इस बारे में एफआईआर दर्ज करने और छात्रा को सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। अब तलेगांव एमआईडीसी पुलिस ने छात्रा के चाचा और चचेरे भाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ कर लिया है।
गैर-सवर्ण जाति के लड़के से प्यार करने के कारण पुणे के दौंड निवासी प्रियंका संतोष शेटे को अपने ही परिवार से मौत की धमकी मिल रही थी। उसकी याचिका की सुनवाई में हाईकोर्ट के आदेश के बाद तलेगांव एमआईडीसी पुलिस ने उसके चाचा दत्तात्रेय बंडू शेटे, रवि निवृत्ति शेटे और संपत ज्ञानेश्वर शेटे सभी निवासी शेटे बस्ती, नवलाख उंब्रे, मावल, पुणे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में आरोपियों और छात्रा के माता- पिता से पूछताछ करने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी, यह भूमिका पुलिस ने अपनाई है। हाईकोर्ट में 21 मई को इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
तलेगांव एमआईडीसी पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लॉ के द्वितीय वर्ष की पढाई कर रही प्रियंका एक गैर सवर्ण जाति के विराज अवघडे, जो उसी के साथ पढ़ता है, से प्यार करती है और उसके साथ शादी करना चाहती है। यह अंतरजातीय विवाह उसके घरवालों को नापसंद है। उसके घरवाले चाहते हैं कि वह विराज के साथ अपने सारे संबन्ध तोड़ दे और उससे न मिले। इसके लिए उसे मारा- पीटा गया, उसे और उसके प्रेमी को जान से मारने की धमकी दी जाती रही। फरवरी माह से जारी प्रताड़ना से परेशान होकर 26 फरवरी को उसने जहरीली दवा पीकर आत्महत्या तक करने की कोशिश की थी।
मार्च माह में प्रियंका के चाचा और भाई उसे मावल स्थित नवलाख उंब्रे ले आये। यहां उसकी कनपटी पर पिस्तौल तानकर विराज से कोई संबन्ध न रखने और उससे दोबारा न मिलने को लेकर जान से मारने की धमकी दी गई। इन सबसे परेशान होकर प्रियंका ने अपने परिवार से लड़ने का निश्चय किया और उसके लिए उसने कानून का सहारा लिया। उसने एड नितिन सातपुते के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने साथ हो रही ज्यादतियों से अवगत कराया। हाईकोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई में पिंपरी चिंचवड पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और प्रियंका को सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिए हैं।
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