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माहेश्वरी समाज के दो परिवारों ने पेश की अनूठी मिशाल, बिना किसी रीतिरिवाज और तामझाम के शादी कर दिया बड़ा सन्देश 

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कसोदा, एरंडोल : समाचार ऑनलाइन – यहां माहेश्वरी समाज की एक लड़की को देखने के लिए आये लड़के को लड़की पसंद आ गई. एक ने शादी करने का प्रस्ताव दिया। दोनों परिवार से वरिष्ठ लोगों ने विचार करके शादी को मंजूरी दे दी मौर बालाजी मंदिर समाज के लोगों के बीच परंपराओं को तोड़ते हुए बगैर मुहूर्त शादी संपन्न हो गई. यहां माहेश्वरी मंडल और माहेश्वरी महिला मंडल ने  दोनों परिवार के लोगों को  सार्वजानिक रूप से  सम्मानित किया. हर लड़के लड़की में विवाह को लेकर एक आकर्षण होता है. सपना होता है. पसंद नापसंद होता है।

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तय विवाह, प्रेम विवाह, भगाकर विवाह जबकि कुछ लोग गुण और कुंडली मिलाकर शादी करते है. लेकिन कसोदा के प्रदीप हीरालाल झवर की फैशन डिजाइनर बेटी पायल को देखने के लिए बेलापुर (श्रीरामपुर ) के शरद रामनाथ बिहारी के बेटे रोहित जो एमसीए कर चुका देखने आया था. सुबह में लड़की पसंद आ गई और दोपहर में समाज के लोगों की मौजूदगी में बगैर किसी पारंपरिक रीतिरिवाज व बड़े खर्च के दोनों के हाइली एडुकेटेड होने के गुण को देखते हुए वरमाला पहनाकर 20 फरवरी को शादी करने की अनूठी घटना हुई.

इसमें लड़के के मामा मिलिंद मूंदड़ा , लड़की के दादा गणपति झवर, झवर के जमाई सतीश राठी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस निर्णय की कसोदा माहेश्वरी समाज मंडल व माहेश्वरी महिला मंडल ने प्रशंसा की.  दोनों ही परिवार का सार्वजनिक सत्कार किया गया. इस मौके पर माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष शीतल मंत्री, संजय नवाल, मधुकर समदानी, जयप्रकाश समदानी, अनिल मंत्री, डॉ. टावरी, कैलाश अग्रवाल आदि उपस्थित थे. गांव में इस शादी की जोरदार चर्चा हो रही है। कई लोगों ने कहा है कि आगे ऐसी ही शादी होनी चाहिए।

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