‘छोटा भाई-बड़ा भाई’ के भाईचारे में फंस गया था, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया बड़ा खुलासा

मुंबई: समाचार ऑनलाइन- “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझे छोटा भाई कहते थे, जबकि देवेंद्र फडणवीस मुझे बड़ा भाई कहते थे.  मैं इन दोनों भाइयों के भाईचारे में फंस गया था। लेकिन दिए गए शब्द भाईचारे से अधिक महत्वपूर्ण थे। इसलिए, आज यह दिन आ गया.”  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ को दिए एक साक्षात्कार में यह कहा है।

उन्होंने आगे कहा कि, शिवसेना का जन्म महाराष्ट्र के भूमि पुत्रों के अधिकारों हेतु लड़ने के लिए हुआ था। शिवसेना ने मराठी आदमी के लिए जन्म लिया है फिर, जब शिवसेना प्रमुख को पता चला कि हिंदुत्व खतरे में हैं, तो शिवसेना प्रमुख ने हिंदुत्व स्वीकार कर लिया। साल 1987 में, शिवसेना ने हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव जीता। फिर भाजपा शिवसेना में आई। हिंदुत्व के मुद्दे पर दो समान विचारधारा वाले दल साथ आए। हमारे हिंदुत्व में वचन देने और निभाने में अत्यंत महत्व है. अगर वादा टूट गया तो मैं ऐसे हिंदुत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हूं।

हमने धर्म नहीं बदला है…

ठाकरे ने आगे कहा, “हमने हिंदुत्व को नहीं छोड़ा है और कभी भी नहीं छोड़ेंगे।” गठबंधन महाराष्ट्र में स्थापित किया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि हमने धर्म को बदल दिया है। हमने हिंदुत्व की विचारधारा के साथ कोई समझौता नहीं किया है।

महाविकास गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि, यह ध्यान में रखें कि सभी की विचारधारा होती हैं ना। हम हिंदुत्ववादी हैं और रहेंगे। कांग्रेस की एक अलग विचारधारा है। लेकिन तीनों ही दल वास्तव में इस देश की बड़ी पार्टियां हैं। सभी लोगों का हित चाहते हैं.

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