सरकार को गिराने के लिए जितनी कोशिश कर रहे हैं, उतनी ही कोशिश राज्य के हित में करें : रोहित पवार

मुंबई : कोरोना वैक्सीनेशन और आपूर्ति पर राज्य और केंद्र सरकारें आमने-सामने खड़ी है, राजनीति गर्म होती दिख रही है। महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में कोरोना वैक्सीन की कमी है, सही मात्रा में आपूर्ति न होने के कारण वैक्सीनेशन मुहिम ठप पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसमें विपक्षी भाजपा और महाविकास आघाड़ी सरकार के नेताओ में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू है। सरकार को गिराने के लिए जितनी कोशिश की जा रही है, उतनी ही कोशिश राज्य के हित के लिए करनी चाहिए, यह टिप्पणी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से की गई।

राष्ट्रवादी विधायक रोहित पवार ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कोरोना वैक्सीन मुहिम पर बोलते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उत्तर प्रदेश और राज्य को मिली कोरोना वैक्सीन की तुलना पर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस द्वारा दिए गए बयान की खबर रोहित पवार ने ली है। वैक्सीन वितरण जनसंख्या के आधार पर नहीं हुई है है, यह पता होते हुए भी विपक्ष महाराष्ट्र की तुलना उत्तर प्रदेश से कर रही है। केंद्र सरकार की धारणा के अनुसार, वेस्ट रेट 10% हो सकता है, लेकिन हमने इसे 3% पर रखा है। रोहित पवार ने कहा कि राज्य में मरीजों की संख्या को देखते हुए टीकों की आपूर्ति कितनी होनी चाहिए इस पर विपक्ष को विचार करना चाहिए।

कुछ जगहों पर वैक्सीन के स्टॉक खत्म हो चुके हैं

महाराष्ट्र को 1.06 करोड़ डोज मिली है। यदि हमने दोनों खुराक मिलाकर 93.32 लाख लोगों को टीका लगाया है, तो 3 लाख खुराक बर्बाद हुए है। हमारे पास 10 लाख खुराक बचे हैं और वे कल तक खत्म हो जाएंगे। आज कुछ जगहों पर वैक्सीन के स्टॉक खत्म हो गए। इसलिए टीकाकरण बंद है। वास्तव में  हमने टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाया है। टीकाकरण केंद्र पर पंजीकरण करने के बाद पांच से दस मिनट के अंदर वैक्सीन दिया जाता है। हालांकि,  जिस तरह से मांग है उस आधार पर वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण वैक्सीनेशन में बाधा आती है, ऐसा  रोहित पवार ने कहा।

सवालों का जवाब राज्य के विपक्षी नेता दें

ऐसी स्थिति में टीकाकरण की रफ्तार और कितनी बढ़ाई जानी चाहिए? क्या केंद्र से टीकों की आपूर्ति बढ़ा कर मिले इसके लिए कोशिश करना राजनीति है क्या?  राज्य को जल्द से जल्द अधिक वैक्सीन मिले इसका विरोध है क्या? रोहित पवार ने कहा कि इन सवालों का जवाब राज्य के विपक्षी नेताओं को देना चाहिए।

राज्य के हित में कोशिश करें

अब यह कहने का समय नहीं है कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र की कितनी और कैसे मदद की है। जनता को सही समय पर पता चल जाएगा। अभी राज्य को संकट से बाहर निकालने का समय है। उम्मीद है कि विपक्ष के नेता निश्चित रूप से इसमें योगदान देंगे। विपक्ष से आग्रह है कि कम से कम संकट के समय में राजनीति न करें। सरकार गिरनेवाली नहीं है,  लेकिन इसे गिराने के लिए जितनी कोशिश कर रहे हैं, उतनी ही शिद्दत से राज्य के हित के लिए भी कोशिश करें। ऐसी टिप्पणी करते हुए रोहित पवार ने कहा कि इस संकट के समय में जनता के साथ, सरकार के साथ खड़े रहें, महाराष्ट्र सदैव आपका ऋणी रहेगा।

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