Tragic Death of Mother and Child | दर्दनाक ! महाराष्ट्र के कोल्हापुर के बाचणी में बिजली का शॉक लगने से मां-बेटे की मौत, बिजली का तार टूटकर बदन पर गिरा

बिजली का तार टूटकर बदन पर गिरा

कोल्हापुर (Kolhapur News), 20 जुलाई : Tragic Death of Mother and Child | कागल तालुका के बाचणी में मां-बेटे  की खंबे से प्रवाहित बिजली का तार टूटकर गिरने से दर्दनाक मौत (Tragic Death of Mother and Child) हो गई. मृतकों  का नाम गीता गौतम जाधव (Geeta Gautam Jadhav) (उम्र 39 ) और उनके  बेटे हर्षवर्धन जाधव (Harshvardhan Jadhav) (उम्र 14 ) है।  शुक्र है कि इस घटना में मृतक की 10 वर्षीय  बेटी बच गई।  इस घटना को लेकर कागल पुलिस स्टेशन (Kagal Police Station) में केस दर्ज किया गया है।  घटनास्थल पर पुलिस इंस्पेक्टर दत्तात्रय नाले (Dattatray Nale) के साथ महावितरण के अधिकारी (general distribution officer) पहुंचे।
मिली जानकारी के अनुसार गौतम जाधव की बाचणी-व्हनाली रोड के किनारे खेत में घर ह्यै. मंगलवार की सुबह 10 बजे गीता जाधव बेटा हर्षवर्धन और बेटी गौरी के साथ घर के पीछे गन्ने के खेत के पास के कुए में कपडा धोने गए थे।  कपडे धोकर सभी वापस आ रहे थे।  बेटी गौरी आगे, बीच में बेटा और गीता उसके पीछे चल रही  थी ।  इसी दौरान खंबे  से प्रवाहित हो रही बिजली (electricity) की तार टूटकर गीता पर गिर पड़ी ।  इस घटना में उसकी मौके पर ही मौत (Death) हो गई।  मां की आवाज सुनकर बीच में चल रहा  हर्षवर्धन तेजी से पीछे गया. वह कुछ समझ पाता उससे पहले वह तार से चिपक गया और उसकी भी मौके पर मौत हो गई।
इस घटना तक गौरी घर आ चुकी थी।  लेकिन मां और भाई नहीं आये  तो वह वापस उन्हें देखने गई।   इस दौरान उसने मां और भाई को बिजली की तार से चिपका बेसुध देखा।  उसने शोर मचाया। उसकी आवाज सुनकर खेत में काम कर रहे किसान दौड़े।  घटना को  देखने  के बाद फ़ोन कर तुरंत बिजली सप्लाई (power supply) बंद कराई गई।  घटनास्थल पर महावितरण के कर्मचारियों ने पहुंचकर पीड़ित परिवार की तुरंत मदद की.  इस घटना  के बाद लोगों ने  आक्रोश जताया। गौतम के आसुओं को देखकर पुलिस (Police) और बिजली कर्मचारियों (electrician) के साथ वहां मौजूद लोगों की आंखे भर आई।  इस घटना से गांव में शोक पसर गया है।

बेटी की समझदारी

इस घटना के वक़्त गौतम जाधव (gautam jadhav) घर में चारा लाकर रखने का काम कर रहा था। इसलिए उसे इस घटना को लेकर थोड़ा भी अंदेशा नहीं था।

 

10 वर्षीय बेटी गौरी ने घटना को देखने के बाद आगे न जाकर शोर मचाकर समझदारी दिखाई है।  इस वजह से उसकी जान बचने की चर्चा घटनास्थल पर हो रही थी।

 

 

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