6 से 8 महीने में तीसरी लहर…वैज्ञानिकों ने चेताया- वैक्सीनेशन और तेज करने की जरुरत 

ऑनलाइन टीम. नई दिल्ली : भारत में पिछले 15 महीनों में एक अदृश्य दुश्मन ने दो लाख से अधिक लोगों को मार डाला है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को बेबस कर दिया है। महामारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बेदम कर दिया है। लोग भयभीत और असुरक्षित हैं। हर रोज़ घातक हमले सुनने को मिल रहे हैं। यह सब कुछ अभी थमा नहीं है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक देश में तीसरी लहर आएगी, लेकिन अभी अनुमान लगाना मुश्किल है कि इसका समय क्या होगा।  उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना की पहली लहर बुजुर्गों के लिए खतरनाक साबित हुई थी, दूसरी लहर का असर सबसे ज्यादा युवाओं को हुआ था, जबकि तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक साबित होगी। संक्रमण संबंधी अनुमान के लिए गणितीय मॉडल का इस्तेमाल करने वाले वैज्ञानिक एम विद्यासागर  ने कहा कि अगले छह से आठ महीने में कोरोना की तीसरी लहर देखने को मिल सकती है। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा है कि ज्यादातर लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है। समय रहते उन्हें कोरोना वैक्सीन नहीं दी गई तो  एंटीबॉडी समाप्त होने लगेगी और संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ने लगेगा।

वैज्ञानिकों के अनुसार, आमतौर पर पहली लहर से मुक़ाबले दूसरी लहर छोटी होती है और दूसरी लहर आने की आशंका थी, लेकिन कई छोटी-छोटी चीज़ों ने मिलकर इसे बड़ा बना दिया। दूसरी लहर में बड़े पैमाने पर बढ़े संक्रमण से ये भी पता चलता है कि पहली लहर में ज़्यादातर लोगों में इम्युनिटी नहीं आ सकी थी। लॉकडाउन सहित कई कदम उठाने से ज़्यादा हिस्से तक संक्रमण नहीं पहुंच सका था।

ऐसे में टीकाकरण अभियान को और तेज करने की जरूरत है। इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में कोविड-19 को फैलने से रोकने में मददगार नियमों का पालन सख्ती से कराए जाने की जरूरत है।  अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया तो छह से आठ महीने में तीसरी लहर आने की पूरी संभावना है।

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