दिल्ली दंगा में दंगाइयों के थे ये 5 मुख्य हथियार

ऑनलाइन समाचार : दिल्ली हिंसा में संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। हिंसक भीड़ ने घरों, दुकानों, वाहनों और पेट्रोल पम्प में आग लगा दी थी और स्थानीय लोगों और पुलिस कर्मियों पर पथराव किया था। हिंसा प्रभावित इलाकों में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। हालांकि, संकरी गलियों में खामोशी छाई हुई है, जहां पर एक हफ्ते पहले तक रेहड़ी पटरी की दुकानें लगती थीं और लोगों की भीड़ हुआ करती थी।

इस बीच, पुलिस द्वारा तैयार रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि दिल्ली हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने प्रमुख रूप से पांच हथियारों का इस्तेमाल किया।

पेट्रोल बम और तेजाब

दुकानों और वाहनों को आग के हवाले करने के लिए उपद्रवियों ने कोल्र्ड ड्रिंक की बोतलों में पेट्रोल भरकर बम बनाया तेजाब को प्लास्टिक के पाउच में भरकर भी फेंका।

पिस्तौल और तमंचा

उपद्रवियों ने दंगे में सरेआम पुलिस और लोगों पर गोलियां चलाई थीं, जिससे करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा मौत हुईं और भारी संख्या में लोग घायल हुए।

गुलेल ने बहुत नुकसान पहुंचाया

उपद्रवियों ने छोटी और बड़ी दोनों तरह की गुलेल का इस्तेमाल किया। बड़ी गुलेल रिक्शे पर लोहे के एंगल से बनाई गई थी, जिससे दूर तक वार किया गया। इन्हें छतों पर भी लगाया गया था। कहीं जगहों पर दंगाइयों ने छोटी गुलेल का इस्तेमाल भी किया।

चाकू और तलवार

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा के शव पर 40 से ज्यादा बार चाकू से हमला किया गया था। इसके अलावा कई अन्य घायलों पर भी धारदार हथियार से वार करने के निशान हैं।
ईंट-पत्थर और रॉड-डंडे

उपद्रवियों ने पुलिस और लोगों पर ईंट-पत्थर से जमकर वार किए। इसके लिए पहले से ही ईंट-पत्थर से भरी बोरियां कई इलाकों में रखी गई थीं।। इसके अलावा रॉड और डंडों का भी इस्तेमाल किया गया।

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