भाजपा के सत्ताकाल में दिखाया जा सके ऐसा एक भी विकास नहीं

बजट विशेष सभा में सत्तादल के नगरसेवकों ने जताई नाराजगी
पिंपरी। जारी पंचवर्षीय सत्र के आखिरी बजट पर विपक्ष के साथ खुद पिंपरी चिंचवड़ मनपा के सत्तादल भाजपा के नगरसेवक भी खासे तौर पर नाराज नजर आ रहे हैं। बीती शाम देर तक चली विशेष सर्वसाधारण सभा में बजट पर घमासान चर्चा छिडी, जिसमें सत्तादल के नगरसेवकों ने भी बजटीय प्रावधान में क्षेत्रीय भेदभाव किये जाने का आरोप लगाया। यही नहीं नगरसेवक संदीप वाघेरे ने तो मनपा किसी की बपौती नहीं है, बताकर सभागृह कक याद दिलाया कि यह मनपा शहर के स्थानीय भूमिपुत्रों के दम पर अस्तित्व में आयी है। इसके बावजूद उनके प्रभागों में बजटीय प्रावधान रखते समय भेदभाव किया।
गत मनपा चुनाव में भाजपा ने अपने वचननामा में 27 विकासकामों की घोषणा की थी, उसमें से चार से साढ़े सालों में उनमें से कितने काम पूरा हुए? इसका जवाब अब शहरवासी मांगेंगे। साढ़े चार सालों में 30 हजार करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है लेकिन एक भी काम ऐसा नहीं है जिसको लेकर दावा किया जा सके या दिखाई दे सके। इन शब्दों में खुद सत्तादल के नगरसेवकों ने नाराजगी जताई। ये बजट सिर्फ बड़े आंकड़ों के बजट है परोक्ष में विकासकाम शून्य हैं। जहां सत्तादल ने इन शब्दों में नाराजगी जताई वहीं विपक्ष ने सत्तादल भाजपा पर हमला करते हुए मनपा के बजट को कॉपी पेस्ट औऱ वास्तविकता से परे बताया। पक्ष-प्रतिपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप से पिंपरी चिंचवड़ में सही मायने में लगता है कि अभी से ‘इलेक्शन फीवर’ की शुरुआत हो गई है।
पिंपरी -चिंचवड मनपा का 2021-2022 वित्त वर्ष के लिए 5588.78 करोड़ का मूल और केंद्र व राज्य सरकार की पुरस्कृत योजनाओं के साथ कुल 7112 करोड़ रुपए का बजट बनाया गया है। 18 फरवरी को मनपा आयुक्त राजेश पाटिल ने यह बजट स्थायी समिति के समक्ष पेश किया। इसमें 250 करोड के उपसुझाव देते हुए स्थायी समिति ने 24 फरवरी को बजट मंजूर किया। अंतिम मान्यता के लिए इस बजट को बीती शाम मनपा की बजट विशेष सर्वसाधारण सभा में पेश किया था। महापौर ऊषा ढोरे की  अध्यक्षता में हुई इस सभा में स्थायी समिति सभापति एड. नितीन लांडगे ने सभा के समक्ष बजट पेश किया।

इसके बाद बजट पर बहस छिड़ी, हालांकि महापौर ने हर नगरसेवक को चर्चा के लिए 5 मिनट का समय तय किया था। इस चर्चा में मनसे के गुटनेता सचिन चिखले, भाजपा के संदीप वाघेरे, सचिन चिंचवड़े, शत्रुघ्न काटे, राहुल जाधव, सुजाता पालांडे, नीता पाड़ाले, स्वीनल म्हेत्रे, अंबरनाथ कांबले, आशा शेंडगे, शैलजा मोरे, अभिषेक बारणे, राष्ट्रवादी कांग्रेस की अपर्णा डोके, विनोद नढे, अजित गव्हाणे, मंगला कदम, डॉ वैशाली घोडेकर, शिवसेना के प्रमोद कुटे, राहुल कलाटे आदि ने हिस्सा लिया।

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