बरसात में सड़कों की खुदाई से नागरिकों की सुरक्षा खतरे में

संवाददाता, पिंपरी। बरसात शुरू होने के बाद भी पिंपरी चिंचवड शहर में सड़कों की खुदाई बिना किसी दिक्कत के शुरू है। इससे शहरवासियों की सुरक्षा खतरे में आ गई है। क्योंकि जगह-जगह खुदाई और गड्ढों से सड़क हादसों को न्यौता मिल रहा है। इस बारे में राष्ट्रवादी कांग्रेस के पिंपरी चिंचवड़ शहर अध्यक्ष संजोग वाघेरे पाटिल ने मांग की है कि सड़क की खुदाई तत्काल रोकी जानी चाहिए और नागरिकों की सुरक्षा की उपेक्षा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि मनपा विकास के नाम पर लोगों की जान से खेल रहा हैम
इस बारे में वाघेरे ने मनपा आयुक्त राजेश पाटिल को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने कहा कि, मूलतः  बारिश शुरू होने के बाद शहर में किसी भी तरह का उत्खनन कार्य करना उचित नहीं है। हालांकि पिंपरी-चिंचवड़ मनपा क्षेत्र में मानसून आने के बाद भी खुदाई का काम जारी है। ज्यादातर सड़कों को स्मार्ट सिटी कंपनी ने खोदा है। कुछ क्षेत्रों में जल निकासी, वर्षा नाले, जल आपूर्ति चैनलों के लिए बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। उस स्थान पर मनपा की उत्खनन नीति के अनुसार नियमों, शर्तों एवं सुरक्षा सावधानियों का पालन नहीं किया जा रहा है। शहर के सभी हिस्सों में प्रमुख कार्यों के साथ-साथ अर्बन स्ट्रीट, सीमेंट रोड के काम के साथ ही छोटी-मोटी मरम्मत का काम चल रहा है।
जगह जगह सड़क पर चर को ठीक से बुझाया नहीं गया है। नतीजा यह है कि बरसात के शुरूआती दिनों में ही हल्की बारिश के दौरान सड़कों पर गड्ढे हो जाने से सड़कों की हालत खराब हो गई है। कोरोना संकट के कारण को बताकर फिलहाल विकासकाम चल रहा है। वास्तविक मनपा स्मार्ट सिटी, जल निकासी, जलापूर्ति और अन्य कार्यों को प्रतिबंधित होने पर भी अनुमति दी गई थी। हालांकि मनपा बारिश के मौसम में बिना समय पर काम पूरा किए शहरवासियों की जान जोखिम में डालने का काम कर रहा है। बरसात के दिनों में खुदाई व गड्ढों से हो रहे हादसों से लोगों की जान खतरे में आ गई है। इसलिए पिंपरी-चिंचवड़ के नागरिकों की सुरक्षा को अधिकारियों, ठेकेदारों या किसी और के हितों पर पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बरसात के मौसम में सड़क की खुदाई से जुड़े सभी कार्य तत्काल रोक दिए जाएं और नागरिकों की जान से खेल बंद किया जाए। संजोगे वाघेरे पाटिल ने एक बयान में कहा है कि उत्खनन स्थल पर सुरक्षा के सभी उपाय किए जाएं और सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
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