खौफजदा कर रहे आंकड़े…इस बार दोगुनी रफ्तार से कोरोना का पलटवार 

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : एक बचेगा, तो सब बचेंगे…इस अवधारणा के साथ फिर से कोरोना के खिलाफ उठ खड़े होने की जरूरत है। आज से ठीक एक वर्ष पहले एक छोटे से वायरस ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। काफी मशक्कत के बाद वैक्सीन के रूप में राहत की किरण नजर आई। तेजी से वैक्सीनेशन शुरू हुआ। भारत इसमें अग्रणी साबित हुआ, लेकिन जितनी तेजी हमने दिखाई, उससे कहीं अधिक तेजी से वायरस ने भी गुलाटी मारी। अब स्थिति यह है कि रोजाना देश में बड़ी संख्या में कोरोना के नए केस सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो औसतन करीब 42,162 नए केस सामने आ रहे हैं। तो क्या देश में पहले जैसे हालात बन रहे हैं।

नि:संदेह आंकड़े डरा रहे हैं। भारत में कोरोना संक्रमण के ये आंकड़े महज 11 दिन के हैं। अगर सिर्फ आंकड़ों की बात करें तो 3 जुलाई, 2020 से लेकर 24 जुलाई 2020 तक पहली लहर में इतने ही मामले 21 दिनों में बढ़े थे। इस हिसाब से पहले की तुलना में वायरस की गति लगभग दोगुनी है। मौतों के आंकड़े भी खौफजदा करने वाले हैं। एक हफ्ते पहले देश में औसत रूप से रोजाना 140 लोग मर रहे थे। इस कारण देश में मृत्यु दर बढ़कर 5.1 फीसदी हो गई। 22 जून 2020 के बाद से यह सर्वाधिक मृत्यु दर है।

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अगर नए कोरोना केस सामने आने की दर यूं ही रही तो भारत अमेरिका को  पीछे छोड़ देगा, क्योंकि फरवरी के मध्य से देश में अचानक कोरोना वायरस ने फिर से बढ़त बना ली है और यह खतरे की घंटी है।

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