पुलिस के आश्वासन के बाद पूर्व विपक्षी नेता दत्ता साने का अनशन स्थगित

सियासी रंजिश में हुए हमले को अलग मोड़ देने का लगाया था आरोप

पिंपरी। सँवाददाता – पिछले साल जनसंपर्क कार्यालय पर हुए हमले की जांच को अलग मोड़ दिए जाने का आरोप लगाते हुए भूतपूर्व विपक्षी नेता व राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नगरसेवक दत्ता साने ने बेमियादी अनशन की घोषणा की थी। हालांकि पिंपरी चिंचवड़ पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त रामनाथ पोकले ने उनके द्वारा उठाये गए सभी मुद्दों की व्यापक जांच का भरोसा दिलाये जाने के बाद सोमवार को उन्होंने अपना अनशन स्थगित किये जाने की जानकारी दी।
गत साल 7 जून को पिंपरी चिंचवड़ मनपा के वरिष्ठ नगरसेवक दत्ता साने के चिखली स्थित दफ्तर में घातक हथियारों के साथ घुसे कुछ अराजक तत्वों ने तोड़फोड़ मचाई थी। इस मामले में पुलिस ने कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी की, जिसमें से मुख्य आरोपी छोड़ अन्य सभी आरोपी जेल से बाहर आ गए हैं। बीते सप्ताह को साने ने एक सँवाददाता सम्मेलन में यह आरोप लगाकर खलबली मचा दी कि, इस हमले के पीछे तत्कालीन सत्तादल भाजपा के विधायक महेश लांडगे और उनके सियासी दुश्मन पांडुरंग साने का हाथ है। सियासी रंजिश में किये गए इस हमले को पुलिस ने अलग मोड़ दे दिया है।
दत्ता साने ने यह भी कहा था कि, यह हमला उनके दफ्तर पर नहीं बल्कि उनपर नियोजित था। हमले से 10 मिनट पहले ही वे मनपा मुख्यालय स्थित अपने दफ्तर चले गए थे। अगर वे वहां होते तो वे आज यहां संवाददाता सम्मेलन में न होते। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे भाजपा विधायक महेश लांडगे और पांडुरंग बालासाहेब साने का हाथ है। तब गृह विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मातहत में रहने से पुलिस ने जांच को अलग दिशा में मोड़ दिया। मुख्य सूत्रधारों की गिरफ्तारी, सभी आरोपियों की नार्को टेस्ट और इस मामले की जांच सीबीआई के द्वारा कराने की मांग को लेकर साने ने 2 मार्च से बेमियादी अनशन शुरू करने की चेतावनी दी थी। इस बारे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने भी पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रामनाथ पोकले ने साने को आश्वासन दिया कि पुलिस उनके द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों की व्यापक जांच करेगी। इसके चलते उन्होंने अपना अनशन स्थगित कर दिया।
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