शरद पवार की मांग से बढ़ेगी मुख्यमंत्री की मुश्किलें

मुंबई : समाचार ऑनलाइन – एल्गार परिषद मामले में जांच को लेकर महाविकास आघाड़ी सरकार में मतभेद उभरकर बार-बार सामने आ रहा है. राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार ने एसआईटी जांच की मांग की थी, उसके बावजूद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एनआईए को जांच सौंपने को मंजूरी दिए जाने से महाविकास आघाड़ी में सबकुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है. इसके बाद राष्ट्रवादी नेता अनिल देशमुख ने एल्गार मामले की समानांतर जांच के संकेत दिए थे. ऐसे में मुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है.

एल्गार प्रकरण की जांच एनआईए को सौंपने को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परमिशन दी है. लेकिन इससे पहले शरद पवार ने इस मामले की जांच राज्य की एसआईटी से कराने की मांग की थी. इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले को एनआईए को सौंपे जाने को मंजूरी दिए जाने पर शरद पवार ने तीव्र नाराजगी जाहिर की थी. इस पर शरद पवार ने कहा था कि केंद्र का निर्णय गलत है और इसे मुख्यमंत्री द्वारा दी गई मंजूरी भी गलत है.

दूसरी तरफ राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने एल्गार मामले की जांच के स्पष्ट संकेत दिए है. रविवार की सुबह जलगांव में शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बयान दिया. उन्होंने कहा कि भीमा-कोरेगांव और एल्गार परिषद का मामला अलग-अलग हैं. केंद्र सरकार ने कुछ छुपाने के लिए इसमें हस्तक्षेप किया है. अब बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी जा सकती है.

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