कैलाश विजयवर्गीय का बड़बोलापन…कमलनाथ जी की सरकार गिराने में ‘प्रधान’ की नहीं, प्रधानमंत्री की भूमिका थी’, अब कांग्रेस ने घेरा    

इंदौर. ऑनलाइन टीम : भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का बड़बोलापन काफी भारी पड़ सकता है। पहले भी अनेक मौकों पर उन्होंने पार्ट को कठघरे में खड़ा किया, लेकिन इस बार उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री की बात की है।  इंदौर में आयोजित किसान सम्मेलन में अचानक उनके मुंह से निकल गया,  मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिराने में प्रधान नहीं, प्रधानमंत्री की भूमिका है। इस बयान के बाद कांग्रेस ने पीएम मोदी से जवाब मांगा है।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मैंने आज तक ये बात किसी को नहीं बताई है। पहली बार मैं बता रहा हूं। कमलनाथ जी की सरकार गिराने में अगर किसी की महत्वपूर्ण भूमिका थी तो नरेंद्र मोदी जी की थी। धर्मेंद्र प्रधान जी की नहीं थी। उस वक्त मंच पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी बैठे हुए थे। कैलाश विजयवर्गीय को जब तक होश आता, काफी देर हो चुकी थी। वह किसी तरह उगले गए बयान को फिर से हलक के नीचे लाना चाहते थे, लेकिन ऐसा कभी होता नहीं। बात एक बार जुबान से निकल गई, तो निकल गई। मंच से उतरने के बाद कैलाश ने अपने बयान पर सफाई दी। कहा- यह विशुद्ध रूप से मजाक है।

यह बात मैंने हल्के फुल्के मजाकिया लहजे में ही तो कही थी। कैलाश विजयवर्गीय भी जानते हैं, मजाक इतना बड़ा नहीं होता। अभी पश्चिम बंगाल में भाजपा ने जो राजनीतिक जंग छेड़ी है, उसके एक छोर की कमान इनके हाथों में दी है। अगर बड़बोलापन जारी रहा तो पार्टी के लिए ये कभी भी मुश्किलें पैदा कर सकते हैं। बहरहाल, मुश्किलें तो आ चुकी हैं। कांग्रेस ने भाजपा को इस मुद्दे पर घेर लिया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने जवाब मांगा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि क्या मोदी जी अब बताएंगे कि मध्यप्रदेश सरकार गिराने में उनका हाथ था? क्या मध्यप्रदेश की सरकार गिराने के लिए कोरोना के लॉकडाउन करने में विलंब किया? यह बहुत ही गंभीर आरोप हैं मोदी जी जवाब दें। अब देखना यह होगा कि पार्टी इस बार में क्या निर्णय लेती है।

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