सत्र के दौरान ठाकरे सरकार को नहीं चाहिए कोई चर्चा: फडणवीस

मुंबई : ये एक ऐसी तीन पहियो वाली सरकार है जिसे विधानसभा सत्र में कोई चर्चा नहीं चाहिए। सभी चर्चे से दूर भागने वाला यह सत्र इतिहास का सबसे छोटा सत्र होगा। यह आरोप विपक्षी नेता देवेंद्र फ़डणवीस ने लगाया है। उन्होने कहा कि मैं कोरोना काल में भ्रष्टाचार, बिजली बिल की वसूली, महिला पर होनेवाले अत्याचार और किसानों की समस्या पर विधानसभा में आवाज़ उठाउंगा।

फ़डणवीस ने संवाददाता सम्मेलन में महाविकास आघाडी सरकार विशेष कर शिवसेना पर हल्ला बोला। बदली करना ही सरकार का एकमात्र काम है। आईएएस और आईपीएस की बदली में भी भ्रष्टाचार शुरू है। इस तरह की स्थिति राज्य में पहले नहीं थी। किसानों की हालत बहुत ही खराब है। न तो कर्जमाफी ना ही प्रोत्साहन राशि, कीड़े की वजह से कपास गया, 90प्रतिशत सोयाबीन गया, लेकिन फिर भी किसानों को मदद नहीं मिली। कोरोना काल में बिजली बिल भी बहुत आया। इस सरकार ने दो बार बिजली का दर बढाया। अभी तक साढे तीन लाख बिजली कनेक्शन सरकार ने काटे। 75 लाख लोगो को नोटिस भेजा। बिजली बिल वसूलने का यह अंदाज एकदम मुगलई है। इन शब्दों में फडणविस ने सरकार को फटकार लगाई।

महिला अत्याचार तो बड़े पैमाने पर बढ गया है। सत्ता पक्ष के नेता और मंत्री इस अत्याचार में तो सबसे आगे हैं। आम लोगो के लिए और सत्ता पक्ष के लिए अलग अलग न्याय है। शक्ति कानून दूरगामी है, इसलिए इस कानून के संयुक्त समिति से भाजपा विधायक बाहर नहीं आने वाले हैं।

सत्ता के लिए इतना लालच ठीक नहीं

कांग्रेस ने वीर सावरकर का अपमान किया। उनके पीछे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी सावरकर का अपमान किया। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर न तो अभिवादन किया न ही एक ट्वीट किया। सत्ता तो आती जाती रहती है। लेकिन इतिहास इसकी गवाही जरूर देता है कि कौन सत्ता के लिए कितना लाचार हुआ। शिवसेना सत्ता के लिए इतनी लाचार ना बने।

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