पटना में भगदड़…राजभवन जा रहे किसानों पर लाठीचार्ज, महिलाएं भी घायल 

पटना. ऑनलाइन टीम

कृषि कानून के खिलाफ देश भर में किसान लामबंद हो रहे हैं। विपक्षी पार्टियां उनके आंदोलन को धार दे रही हैं। दिल्ली में बॉर्डर पर जुटे किसान आंदोलन का मंगलवार को 34वां दिन है। कई दौर की बातचीत के बावजूद कृषि कानून को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। वहीं एक बार फिर से केंद्र सरकार ने 30 दिसंबर को किसान संगठनों को बातचीत का न्योता भेजा है।

इस बीच, अलग-अलग राज्यों में इसे अपने स्तर पर हवा देने का काम जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को बिहार की राजधानी पटना में एकत्र हुए किसान राजभवन जा रहे थे। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और लेफ्ट पार्टियों के आह्वान पर गांधी मैदान से राजभवन तक निकाले जा रहे किसान मार्च को डाक बंगला चौराहे पर पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन सैकड़ों की संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बात नहीं मानी। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। फिर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। पुलिस के लाठीचार्ज करने के बाद डाकबंगला चौराहे पर भगदड़ सी मच गई। लाठी से बचने के लिए भाग रहे किसानों को भी पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस भगदड़ में कई महिला किसान सड़कों पर गिरकर चोटिल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया।

पुलिस के इस दमन को अमर्यादित बताते हुए विभिन्न नेताओं ने जमकर भड़ास निकाली है। उनका कहना है कि सरकार किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वह मंसूबे में कामयाब नहीं पाएगी। किसानों में सरकार के प्रति तीव्र रोष है।

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