स्टालिन बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, पहली घोषणा-हर परिवार को कोरोना राहत 4 हजार देंगे 

ऑनलाइन टीम. चेन्नई : डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने 68 वर्षीय स्टालिन को राजभवन में आयोजित साधारण समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। स्टालिन पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं। विपक्षी अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता ओ पनीरसेल्वम, कांग्रेस के पी चिदंबरम समेत गठबंधन के नेता, एमडीएमके अध्यक्ष वाइको और राज्य के शीर्ष अधिकारी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।

शपथ के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सबसे पहले कोरोना राहत के रूप में हर परिवार को परिवार को 4,000 रुपये प्रदान करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। 2,000 रुपये की पहली किस्त मई महीने में दी जाएगी।तमिलनाडु में कई दशकों बाद पहली बार करुणानिधि और जयललिता की गैर-मौजूदगी में चुनाव हुए। करुणानिधि और जयललिता दोनों ही राजनीति के साथ फिल्मों के भी सितारे रहे थे। ऐसे में स्टालिन को द्रविड़ राजनीति का पहला गैर-फिल्मी हीरो माना जा रहा है।

तमिलनाडु में 10 साल बाद फिर डीएमके की वापसी हुई है। स्टालिन के साथ 33 मंत्रियों ने भी शपथ ली। स्लाटिन कैबिनेट में 19 पूर्व मंत्री और 15 नए चेहरे शामिल हैं। 2 महिलाओं को भी जगह दी गई है।    पहली बार विधायक बने स्टालिन के बेटे उधयनिधि का नाम मंत्रियों की सूची में नहीं है।

बता दें कि तमिलनाडु में स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके और उसके सहयोगियों ने 234 में से 159 सीटें जीती हैं। इनमें से 133 डीएमके की हैं। यहां बहुमत का आंकड़ा 118 है। यानी डीएमके सहयोगियों के दबाव में कम ही रहेगी। उसकी सहयोगी कांग्रेस को 15 सीटें मिली हैं। दूसरी ओर आपसी खींचतान की वजह से अन्नाद्रमुक 78 सीटों पर सिमट गई। तमिलनाडु समेत 5 राज्यों के चुनाव नतीजे 2 मई को आए थे।

इन दो मंत्रियों ने खींचा ध्यान

इस मंत्रिमंडल दो नाम और हैं, जिन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसमें पहला नाम गांधी और दूसरा नाम नेहरू का है। केएन नेहरू डीएमके के पुराने नेता है। तिरूची वेस्ट सीट से 1989 में पहली बार चुनाव लड़े थे, तब से अबतक जीतते आ रहे हैं। उनके पिता ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर उनका नाम रखा था। वहीं, आर गांधी नाम के विधायक रानीपेट से चुने गए हैं। वह 1996 में पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। तब से लगातार इस सीट से जीत रहे हैं।

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