मेट्रोमैन ई श्रीधरन बोले- राज्यपाल पद में पावर नहीं, सीएम बनने राजनीति में कद मजबूत करेंगे

पुणे सामाचर ऑनलाइन टीम – मेट्रोमैन ई श्रीधरन राजनीतिक पारी शुरू करने जा रहे हैं। ई श्रीधरन और बीजेपी की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि की जा चुकी है। इसके साथ ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से सबसे बड़े चेहरों में से एक होंगे।

ई श्रीधरन ने बताया, केरल के लिए मैं कुछ करना चाहता हूं। उसके लिए मुझे बीजेपी का दामन थामना होगा। मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। मुख्य लक्ष्य केरल में पार्टी को सत्ता में लाना है। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी दिलचस्पी राज्यपाल बनने में नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह संवैधानिक पद है और कोई शक्ति नहीं है और वह ऐसे पद पर रहकर राज्य के लिए कोई सकारात्मक योगदान नहीं दे पाएंगे।

श्रीधरन ने कहा कि अगर बीजेपी को इस साल अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत मिलती है तो उनका ध्यान बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना का विकास करना और राज्य को कर्ज के जाल से निकालना होगा। आज हर मलयाली पर आज 1.2 लाख रुपये का कर्ज है। इसका मतलब है कि हम दिवालिया होने की तरफ बढ़ रहे हैं और सरकार अब भी उधार ले रही है। राज्य की वित्तीय हालत सुधारने की जरूरत है और हम इसका समाधान निकालेंगे।’

उन्होंने कहा कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया है। मैं पिछले एक दशक से केरल में हूं और राज्य के लिए कुछ करना चाहता हूं, पर मैं अकेले कुछ नहीं कर सकता, इसलिए मैं पार्टी में शामिल हो रहा हूं।’

केरल बीजेपी अध्यक्ष के सुरेंद्रम के मुताबिक श्रीधरन आधिकारिक तौर पर बीजेपी के साथ राज्य में 21 फरवरी से शुरू होने वाली विजय यात्रा के दौरान जुड़ेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बीजेपी के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ राज्य के विधानसभा चुनावों से पहले होने जा रही इस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। ये यात्रा कारसगोड से शुरू होगी और कई विधानसभा से होते हुए मार्च के पहले हफ्ते में तिरुवनंतपुरम में खत्म होगी।

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