जैक मा के गिरफ्तार होने की अटकलें…चीन से बाहर जाने पर रोक, की थी चीनी सरकार की आलोचना 

नई दिल्ली.ऑनलाइन टीम : चीन के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार अलीबाबा ग्रुप के मालिक जैक मा पिछले दो महीने से लापता बताए जाने के बाद अब चीनी मीडिया के हवाले से खबरें आ रहीं है कि वह देखरेख में है। अटकलें ये भी हैं कि जैक मा को गिरफ्तार कर लिया गया है या घर में नजरबंद कर दिया गया है। दुनियाभर में जैक मा को लेकर अटकलों का बाजार गरम है। इस बीच चीन के सरकारी अखबार ने जैक मा की मौजूदगी को लेकर बड़ा संकेत दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य जैक मा को सरकार ने सलाह दी है कि वह देश को नहीं छोड़ें। माना जा रहा है कि जैक मा की इस दुर्दशा के पीछे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनका विवाद और उनकी कंपनी अली पे को लेकर गहराया विवाद है।

अली पे की स्थापना जैक मा ने 20 साल पहले की थी। यह दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल पेमेंट प्लेटफार्म है और 73 करोड़ लोग इसके यूजर हैं।   जैक मा ने चीन के ‘ब्याजखोर’ वित्तीय नियामकों और सरकारी बैंकों की पिछले साल अक्टूबर में शंघाई में दिए भाषण में तीखी आलोचना की थी। दुनियाभर में करोड़ों लोगों के आदर्श रहे जैक मा ने सरकार से आह्वान किया था कि ऐसा सिस्टम में बदलाव किया जाए जो ‘बिजनस में नई चीजें शुरू करने के प्रयास को दबाने’ का प्रयास करे। उन्होंने वैश्विक बैंकिंग नियमों को ‘बुजुर्गों लोगों का क्लब’ करार दिया था। इस भाषण के बाद चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी भड़क उठी। जैक मा की आलोचना को कम्युनिस्ट पार्टी पर हमले के रूप में लिया गया। इसके बाद जैक मा के दुर्दिन शुरू हो गए और उनके बिजनस के खिलाफ असाधारण प्रतिबंध लगाया जाना शुरू कर दिया गया।

नवंबर महीने में चीनी अधिकारियों ने जैक मा को जोरदार झटका दिया और उनके एंट ग्रुप के 37 अरब डॉलर के आईपीओ को निलंबित कर दिया। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक जैक मा के एंट ग्रुप के आईपीओ को रद करने का आदेश सीधा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से आया था। इसके बाद जैक मा से क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कहा गया कि वह तब तक चीन से बाहर न जाएं जब तक कि उनके अलीबाबा ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच को पूरा नहीं कर लिया जाता है।

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