‘एक्शन’ मोड में सोनिया गांधी, अध्यक्ष पद संभालने के बाद राहुल के साथ ‘गद्दारी’ करने वालों की तलाश शुरू

नई दिल्ली: पुणेसमाचार ऑनलाइन- लोकसभा चुनावों में करारी हार झेलने के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. पार्टी कार्यकर्ताओं के काफी मनाने के बाद सोनिया गांधी ने कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है. इसके तुरंत बाद से ही वें सक्रिय हो गईं हैं और उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और झारखंड के नेताओं को सक्रिय होने का आदेश दिया है. बताया जा रहा है कि वह जल्द ही झारखंड के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नए नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंप सकती हैं.

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पार्टी में जारी गुटबाजी से गंभीर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वह पार्टी में चल रही गुटबाजी पर गंभीरता से विचार कर रही हैं और जल्द ही इसके खिलाफ कोई मजबूत एक्शन ले सकती हैं. साथ ही उन नेताओं का भी पता लगाने की कोशिश करेंगी, जिन्होंने राहुल के रहते पार्टी से दगाबाजी की है. वहीं दूसरी ओर युवा नेताओं को उचित जिम्मेदारी देकर व उन्हें विश्वास में लेकर पार्टी के साथ लाने की भी उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है.

संगठन को मजबूत बनाना प्राथमिकता

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सोनिया गाँधी का लक्ष्य उन राज्यों पर भी होगा, जहां संगठन बहुत कमजोर है. राहुल के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ नेता चाहते थे कि सोनिया गांधी सत्ता संभालें. तदनुसार, उन्हें फिर से यह जिम्मेदारी दी गई है।

पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी भी उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य पर ध्यान केंद्रित करके, पार्टी को संगठित करने का कार्य कर रही हैं.

बैठक बुलाकर वरिष्ठ नेताओं को मोदी के खिलाफ रणनीति बनाने का दिया आदेश

बता दें कि, कांग्रेस पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष का पद संभालने के 48 घंटों में मीटिंग आयोजित कर, पार्टी के प्रमुख और वरिष्ठ नेताओं को बुलाया था. इस मीटिंग में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ रणनीति तैयार करने के आदेश दिए गए हैं. अब देखना यह महत्वपूर्ण होगा कि सोनिया के कार्यकाल में राहुल गांधी के समर्थकों को क्या जिम्मेदारियां मिलती हैं.

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