डिजिटल लोन कंपनियों का चीन कनेक्शन हैरान करने वाला, पुणे से चीनी महिला सहित 3 गिरफ्तार

हैदराबाद. ऑनलाइन टीम : डिजिटल लोन कंपनियों का चीन कनेक्शन हैरान करने वाला है। 2018-2019 में अचानक इन कंपनियों ने भारत में पैर फैलाना शुरू किया और फिर देखते ही देखते कई लोगों को चंगुल में ले लिया।      बताया जाता है कि चीन की सरकार ने भारी ब्याज दरों पर लगाम लगाई, तो सख्ती के बाद इन कंपनियों ने दूसरे देशों का रुख किया। शुरुआत में भारतीय कंपनियों में विदेश से घुमा-फिराकर निवेश किया। बाद में कई चीनी कंपनियों ने भारत में सीधे कारोबार शुरू किया। इन्होंने न सिर्फ भारतीय कंपनियों को भी बिगाड़ दिया, बल्कि भारतीयों को गहरे कर्ज में डूबो दिया।

ऐसा ही एक मामला हैदराबाद और तेलंगाना से जुड़ा है। तेलंगाना पुलिस ने इसी सिलसिले में पुणे स्थित एक कॉलसेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक चीनी महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में तीसरे चीनी नागरिक की गिरफ्तारी है। गिरफ्तार किए गए लोगों में परशुराम लाहू तकवे, उसकी पत्नी और चीनी नागरिक लियांग तियानतियान, कॉल सेंटर एचआर मैनेजर एस के आकिब शामिल हैं।

बता दें कि 25 दिसंबर को साइबराबाद पुलिस ने शंघाई के निवासी यी बाई उर्फ डेनिस को गिरफ्तार किया था। उस पर फौरन लोन देने वाले 11 ऐप्स को अवैध तरीके से चलाने का आरोप था। वह काफी अधिक दर पर लोन देता था। इसी तरह अक्टूबर में भी एक चीनी नागरिक की गिरफ्तारी हुई थी।

तेलंगाना पुलिस ने बताया कि तीनों की गिरफ्तारी हैदराबाद के एक व्यक्ति की शिकायत पर की गई। पिछले एक महीने में ऐसी ऐप आधारित कंपनियों के उत्पीड़न से कथित तौर पर तंग आकर एक इंजीनियर सहित तीन लोगों द्वारा आत्महत्या करने की घटना के बाद यह कार्रवाई शुरू की।

जांच टीम के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, ‘हमने 101 लैपटॉप, 106 मोबाइल फोन, कई सारे दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके साथ ही उनके बैंक अकाउंट से भी एक करोड़ 42 लाख रुपये जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार,  कॉलसेंटर में इस समय 650 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिन्हें लोन लेने वाले लोगों, उनके रिश्तेदारों एवं दोस्तों को अपने निजी मोबाइल फोन से कॉल कर ब्याज सहित लोन चुकाने के लिए दबाव बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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