पुणे में भाजपा द्वारा हर दिन सवा 5 करोड़ रुपए का घोटाला, शिवसेना का आरोप

पुणे : समाचार ऑनलाइन- पुणे नगर निगम के विवादों में पाए जाने वाली जल आपूर्ति स्कीम, उच्च क्षमता गति (एचसीएमटीआर) और नदी सुधार (जेआईसीए) योजनाओं से संबंधित टेंडरों की राशि समान पाई गई थी. इसके खिलाफ जब विरोधियों द्वारा आवाज उठाई गई, तब टेंडरों को रद्द कर दिया गया था. सत्तारूढ़ भाजपा ने पौने तीन साल में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के तीन टेंडर निकाले थे. इस तरह शिवसेना ने भाजपा पर सत्ता में आने के बाद 800 दिनों के दौरान हर दिन सवा पांच करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाया है।

पुणे नगर निगम के करीब 10 हजार करोड़ के टेंडर को लेकर विपक्ष की आक्रामक भूमिका के कारण पुणे के नागरिकों के लगभग साढ़े चार करोड़ रुपए बच गए हैं. लेकिन, इन निविदाएं बढ़ी कैसे? इस पर  सत्तारूढ़ भाजपा और अधिकारियों की जाँच करने की मांग विधानसभा अधिवेशन में हडपसर के विधायक चेतन तुपे द्वारा की गई है.

इसके बाद, राज्य सरकार ने पुणे नगर निगम में HCMTR,  जायका और कात्रज-कोंढवा सड़कों के टेंडर की  जांच के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. नगरपालिका में टेंडर का हजारों करोड़ रुपए अधिक आना सत्तारूढ़ भाजपा के कार्य पर संदेह पैदा करता है. इसलिए यह एक गंभीर मामला बताया जा रहा है. इस बीच, भाजपा ने कहा है कि पुणे नगर निगम में सत्तारूढ़ पार्टी ने पारदर्शिता रखी है.

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