IM का संदिग्ध ‘आतंकवादी’ कातिल सिद्दीकी के हत्या मामले में गैंगस्टर शरद मोहोल और भालेराव निर्दोष मुक्त

पुणे : समाचार ऑनलाइन – संदिग्ध आतंकवादी कातिल सिद्दीकी की हत्या के मामले में गैंगस्टर शरद मोहोल और उसके सहयोगी भालेराव को शिवाजीनगर अदालत ने बरी कर दिया है।

मोहोल और उसके साथियों ने सिद्दीकी की हत्या 8 जून, 2012 को येरवडा जेल के अंडा सेल में कर दी थी। अदालत द्वारा बरी किये गए शख्स का नाम शरद हिरामण मोहोल (नि. मारूलीनगर, सुतारदरा – कोथरूड, ता. मुलशी) और आलोक शिवाजीराव भालेराव (28, रा. मु.पो. मुठा, ता. मुलशी) है। मोहोल और भालेराव दोनों ने संदिग्ध आतंकवादी मोहम्मद कातिल मोहम्मद जाफर सिद्दीकी उर्फ सज्जन उर्फ साजन उर्फ शहजादा सलीम (बिहार का मूल निवासी) की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद कई गवाहों को पंजीकृत किया गया था। ट्रायल के दौरान उनसे पूछताछ की गई ,इस बीच आज (26 जून) शिवाजीनगर की अदालत ने मोहोल और भालेराव को निर्दोष करार दिया। अभियोजन पक्ष के सभी गवाह फेल हो गए।

हत्यारा सिद्दीकी कौन था?

13 फरवरी 2010 को जर्मन बेकरी विस्फोट कोरेगांव पार्क क्षेत्र में हुआ था। जर्मन बेकरी बम विस्फोट के दौरान, एटीएस ने पाया कि पुणे में श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर के पास बम रखने की कोशिश करने वाला संदिग्ध आतंकवादी हत्यारोपी सिद्दीकी इंडियन मुजाहिदीन संगठन का संदिग्ध आतंकवादी था। दिल्ली पुलिस ने छह आतंकवादियों को गिरफ्तार किया हत्यारा सिद्दीकी भी इसमें शामिल था। एटीएस उसकी जांच कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद सिद्दीकी को येरवडा जेल भेज दिया गया।

कुख्यात गैंगस्टर शरद मोहोल कौन है?

शरद मोहोल एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ खून, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, झगड़े और डकैती जैसे गंभीर मामले दर्ज़ है। उनके खिलाफ मोक्‍का के अंतर्गत कारवाई की गई थी । वारजे पुलिस ने उसे एक सरपंच के अपहरण कर फिरौती मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद उसे येरवडा जेल भेज दिया गया। जेल में रहते हुए ही उसने अंडा सेल में मौजूद संदिग्ध आतंकवादी हत्यारे सिद्दीकी की हत्या कर दी थी।

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