टीकरी बार्डर की चीख….मौत से पहले पीड़िता ने बताया था सच, जानें किसने किया दावा  

ऑनलाइन टीम. बहादुरगढ़ : टीकरी बार्डर की चीख अब पूरे देश को झकझोर रही है। देशव्यापी आंदोलन के बैनर तले कुचली गई मासूमियत का एक ही सवाल है-उसका क्या कसूर?

जी हां, हरियाणा के बहादुरगढ़ में  टीकरी बॉर्डर पड़ाव पर  पश्चिम बंगाल की आंदोलनकारी युवती से सामूहिक दुष्कर्म मामले में नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं। कल पता चला कि आंदोलन में शामिल होने के लिए जब पश्चिम बंगाल से उक्त युवती टीकरी बार्डर रवाना हुई थी, तब ट्रेन में ही उससे छेड़छाड़ की गई थी। मामले में आरोपी महिला योगिता ने इसका खुलासा किया था। जांच के दौरान पुलिस ने बुधवार को किसान नेता जसबीर कौर और राजेंद्र सिंह दीपवाला से महिला थाना बहादुरगढ़ में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान जसबीर कौर ने बताया कि मैं 26 को इलाज के लिए भर्ती करवाने के साथ ही अस्पताल में युवती को संभालने के लिए पहुंच गई थी और 30 अप्रैल तक युवती के इलाज में मदद की।

तब मामले की गूंज पूरे बार्डर पर आंदोलनकारियों के बीच थी। योगिता ने 19 या 20 अप्रैल को उन्हें बताया था कि किसान सोशल आर्मी वालों ने बंगाल की एक युवती के साथ ट्रेन में छेड़छाड़ की है। दुष्कर्म की बातों से योगिता ने इनकार किया। युवती की ओर से शिकायत दिलाने की बात पर योगिता ने कहा कि वह शिकायत देने को तैयार नहीं है। चूंकि उस वक्त हमारी प्राथमिकता युवती को बचाने की थी कि इसलिए ज्यादा बहसबाजी नहीं की।

मृतक युवती के पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने आखिरी वक्त तक सिर्फ इतना कहा कि किसान आंदोलन से जुड़े किसान सोशल आर्मी के लोग ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि मेरी बेटी जब यहां आई थी तो कुछ दिनों के बाद उसने रोते हुए मुझे बताया था कि इस किसान सोशल आर्मी संगठन के आदमी उसे परेशान कर रहे हैं। उसकी तबीयत खराब हो रही है। मैंने उससे कहा कि वह वहां मौजूद महिलाओं को अपनी समस्याएं बताए, लेकिन वह किसी को नहीं जानती थी। इस वजह से वह अपनी तकलीफ किसी को नहीं बता पाई। उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी।

इस दौरान जो लड़के उसके साथ थे, वह उसे बंगाल वापस लाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मुझे उनकी बातों से शक होने लगा, मैंने संयुक्त किसान मोर्चा के योगेंद्र यादव से इस मामले में दखल देने की बात कही। जिसके बाद वह उसे दिल्ली के ही एक अस्पताल में एडमिट कराया, जहां उसे बताया गया कि उसकी मौत बुखार से हो गई। लेकिन अस्पताल में किसान सोशल आर्मी से ही जुड़ी दो लड़कियां जो उसके साथ अस्पताल आई थीं, उन्होंने मेरी बेटी के साथ हुई घटना के बारे में मुझे धीरे-धीरे सभी बातें बताई।

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