पिंपरी चिंचवड़ मनपा स्थायी समिति सभापति पद पर संतोष लोंढे निर्विरोध

राष्ट्रवादी कांग्रेस पंकज भालेकर ने छोड़ा मैदान

पिंपरी : समाचार ऑनलाइन – जैसा कि तय माना जा रहा था, पिंपरी चिंचवड़ मनपा की सबसे अहम माने जाने वाली स्थायी समिति सभापति पद का चुनाव औपचारिकता भर साबित हुआ। शुक्रवार को हुए चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस के पंकज भालेकर द्वारा नामांकन वापस लिये जाने से सत्तादल भाजपा के वरिष्ठ नगरसेवक संतोष लोंढे सभापति पद पर निर्विरोध चुन लिये गए। वेे भाजपा शहराध्यक्ष एवं विधायक महेश लांडगे के कट्टर समर्थक माने जाते हैं।
मनपा तिजोरी की चाबियां संभालने वाली स्थायी समिति में 16 सदस्यों में संख्याबल के हिसाब से सत्तादल के 10, राष्ट्रवादी कांग्रेस के चार, शिवसेना और भाजपा समर्थित निर्दलीयों के मोर्चा के एक- एक सदस्य हैं। विलास मडिगेरी, ममता गायकवाड, सागर आंगोलकर, राजेंद्र गावडे, करुणा चिंचवडे, नम्रता लोंढे और राष्ट्रवादी काँग्रेस की गीता मंचरकर, प्रज्ञा खानोलकर का कार्यकाल खत्म हो गया। उनकी जगह पर भाजपा के शशिकांत कदम, अंबरनाथ कांबले, संतोष कांबले, अभिषेक बारणे, भीमाबाई फुगे, सुवर्णा बोरुडे और राष्ट्रवादी कांग्रेस की पौर्णिमा सोनवणे, सुलक्षणा धर शिलवन्त की नियुक्ति की गई है। इसके बाद आज नए सभापति का चुनाव संपन्न हुआ, जिसमें भाजपा के संतोष लोंढे निर्विरोध चुने गए।

पुणे के संभागीय आयुक्त डॉ दीपक म्हैसेकर द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पुणे मनपा के अतिरिक्त आयुक्त रूबल अग्रवाल, जोकि इस चुनाव म निर्वाचन अधिकारी नियुक्त थे, की देखरेख में स्थायी समिति सभापति का चुनाव संपन्न हुआ। जैसा कि माना जा रहा है कि राष्ट्रवादी के प्रत्याशी पंकज भालेकर चुनाव के मैदान से पीछे हट जाएंगे, उन्होंने नामांकन वापसी की मियाद में अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके चलते निर्वाचन अधिकारी रूबल अग्रवाल ने संतोष लोंढे के निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की। विधायक महेश लांडगे, सभागृह नेता नामदेव ढाके, विपक्षी दल के नेता नाना काटे, राष्ट्रवादी कांग्रेस के शहराध्यक्ष सँजोग वाघेरे, शिवसेना के गुटनेता राहुल कलाटे समेत अन्य पदाधिकारी व नेताओं ने लोंढे का स्वागत- सम्मान किया। गौरतलब हो कि गत तीन साल से लगातार भाजपा विधायक लक्ष्मण जगताप गुट के नगरसेवकों को सभापति पद मिला है। इस बार भोसरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक एवं शहराध्यक्ष महेश लांडगे गुट के नगरसेवक को मौका मिलना तय था। लांडगे गुट के संतोष लोंढे के साथ भीमाबाई फुगे, शीतल शिंदे औऱ अभिषेक बारणे भी रेस में थे। भाजपा के प्रदेश स्तर से लोंढे के नाम पर पसंद की मुहर लगा दी गई।
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