दुखद! सख्त प्रतिबंध के दौरान सैलून दुकानदार ने की आत्महत्या

कोरोना की श्रृंखला को तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने राज्य में सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। इस प्रतिबंध के कारण कई लोगों पर भूखे मरने की नौबत आ गई है। इसी बीच, एक सैलून दुकानदार ने दुकान बंद होने पर निराशा में आकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। यह चौंकाने वाली घटना उस्मानाबाद जिले में हुई है।  आत्महत्या करने से पहले उसके द्वारा लिखा गया एक पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि सैलून दुकानदार को कोरोना संबंधी नियमों में शर्तों के साथ काम करने की अनुमति सरकार दें नहीं तो इन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करें।

मनोज झेंडे (नि. सांजा, जिला उस्मानाबाद) आत्महत्या करनेवाले सैलून दुकानदार का नाम है।

मिली जानकारी के अनुसार, मनोज झेंडे की सांजा गांव में सैलून की दुकान थी। उनके घर की परिस्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए दैनिक सैलून व्यवसाय पर ही परिवार का उदरनिर्वाह निर्भर था। हालांकि, कोरोना के कारण पिछले कुछ दिनों से दुकान बंद थी और उसने पिछले साल बेटी की शादी की थी जिससे उसके ऊपर कर्ज का बोझ था। सरकार द्वारा सैलून को बंद करने के आदेश दिए जाने के बाद परिवार का पालन न होने और कर्ज बढ़ने के कारण उसने निराशा में आकर अपनी जान दे दी।

आत्महत्या करने से पहले उसने एक पत्र लिखा जिसमें उसने अपना दुख जाहिर किया। सुसाइड नोट में लिखा है कि किसी को भी मेरी आत्महत्या के लिए दोषी न ठहराया जाए। मैं अपनी जिंदगी से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी आत्महत्या के कारण मेरे परिवार को परेशान न करे। मेरा यह भी आग्रह है कि मेरी पत्नी और भाई के खिलाफ कोई आरोप न लगाए। मनोज झेंडे अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और एक बेटी का परिवार छोड़ गए हैं।

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