ग्रामीण पुलिस टीम के सदस्य रिश्वत लेते गिरफ्तार, 3 दिन की पुलिस कस्टडी

पुणे : पुणे ग्रामीण पुलिस टीम के एक पुलिस निरीक्षक, एक सहायक पुलिसनिरीक्षक के साथ कर्मचारी को 1 लाख रुपए लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। यह कारवाई शनिवार दोपहर की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी पुलिस निरीक्षक, सहायक पुलिस निरीक्षक और पुलिसकर्मचारी को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने तीनो को 10 मार्च तक की पुलिस कस्टडी दी है। इसमें वरिष्ठों का हाथ है क्या इसकी जांच बाकी है और अन्य कारण बताते हुए पुलिस कस्टडी की मांग की गई है।

कामशेत पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक अरविंद दौलत चौधरी, सहायक पुलिस निरीक्षक प्रफुल्ल प्रभाकर कदम व उनके कर्मचारी महेश विनायक दौंडकर पर कारवाई की गई है। उनके ऊपर कामशेत पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। है।गिरफ्तार किए गये आरोपियो से ये पूछताछ करनी है कि इस जाल में वरिष्ठ भी शामिल हैं क्या। साथ ही इसमे कौन कौन साथी हैं इसकी भी जांच करनी है।  अरोपियो के आवाज़ के भी नमूने लेने हैं। मामले की विस्तृत जांच करने, इस मामले में शिकायतकर्ता के मामा पर दर्ज किए गए अपराध की छायांकित प्रति,  इस अपराध में पुख्ता सबूत हासिल करने बाकी हैं आदि कारणों की वजह से कोर्ट में इनकी पुलिस कस्टडी की मांग की गई थी। इस पर कोर्ट ने 10 मार्च तक पुलिस कस्टडी दी है।

क्या है मामला?

शिकायतकर्ता के मामा को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसने जमानत के लइए कोर्ट में अर्जी दी थी। इसके लिए जांच रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए 5 लाख रुपए की मांग की गई थी। उसमें से ढाई लाख रुपए पहले ही दिये गए थे। हालांकि कोर्ट ने शिकायतकर्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी। उसके बाद शिकायतकर्ता ने सेशन कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया था। उसके बाद बचे हुए ढाई लाख रुपए की मांग की गई। इस बार शिकायतकर्ता ने पुणे एंटी करप्शन विभाग के पास शिकायत की। जांच के दौरान रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। टीम ने जाल बिछाकर शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपए लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। सरकार की ओर से एड. राजेश कावेडिया और आरोपियों की ओर से एड. प्रताप परदेशी ने पक्ष रखे। दोनो पक्षो के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने 3 दिन की कस्टडी मंजूर की।

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