‘रुचि’ पर आया रामदेव का दिल

नई दिल्ली:

बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद अपने दायरे को फैलाने की तैयारी में है। पतंजलि कर्ज के बोझ तली दबी रुचि सोया को खरीदने की होड़ में शामिल हो गई है। रुचि सोया खाद्य तेल की दिग्गज कंपनी है, जिसे लोन की रकम न चुकाने के चलते बैंक नीलम करने जा रहे हैं। रुचि सोया बाज़ार में दबदबा कायम करने का लक्ष्य हासिल करने में बाबा रामदेव के लिए मददगार साबित हो सकती है। पिछले महीने रामदेव ने कहा था कि पतंजलि देश के उपभोक्ता बाज़ार में बहुराष्ट्रीय कंपनियों से 25 से 50 प्रतिशत हिस्सेदारी छीनने के एकसूत्री अभियान में जुटी है। उन्होंने कहा था कि मेरा लक्ष्य अगले 3 से 5 वर्षों में अपनी कंपनी का टर्नओवर 20 हजार से 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।

कर्ज का बोझ
37 लाख 20 हजार मिट्रिक टन तेल पेराई की क्षमता के साथ रुचि सोया भारत की सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी के कुल 24 प्लांट हैं। 31 दिसंबर 2017 तक कंपनी पर 12 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था। इसके 4,000 करोड़ रुपये का बैड लोन राइट ऑफ किया जा चुका है और इसे 498 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है।

ये भी दौड़ में
पहले तो पतंजलि रुचि सोया के लिए बोली में शामिल होने की खबरों का खंडन करती रही, लेकिन अब इसने 9,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। पतंजलि के अलावा गोदरेज ऐग्रोवेट, अडाणी, विल्मर और इमामी ने भी रुचि सोया के लिए बोली लगाई है।

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