RTI कार्यकर्ता अमित जेठवा हत्याकांड में बीजेपी के पूर्व सांसद दीनू सोलंकी सहित सात को उम्रकैद

अहमदाबाद सीबीआई कोर्ट ने सभी को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी पाया

समाचार ऑनलाइन- आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा की हत्या के मामले में अहमदाबाद सीबीआई कोर्ट ने भाजपा के पूर्व सांसद दीनू सोलंकी सहित सात अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस भयानक हत्याकांड की साजिश के पीछे इन्हें कोर्ट ने दोषी करार देते हुए गुरुवार को यह अहम फैसला सुनाया है.

साल 2009 से 2014 तक जूनागढ़ से भाजपा के सांसद रहे दीनू बोघा और उसके भतीजे शिवा सोलंकी पर 15 – 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इससे पहले अहमदाबाद के सीबीआई कोर्ट ने शनिवार को पूर्व सांसद सोलंकी सहित सभी सातों आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी माना था.

गौरतलब है कि आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा की 20 जुलाई, 2010 को गुजरात उच्च न्यायालय के बाहर गोली मार दी गई थी. उस समय जेठवा हाईकोर्ट में दायर एक मामले के सिलसिले में अपने वकील से मिलकर बाहर निकले थे. हालांकि पहले गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूर्व सांसद सोलंकी को निर्दोष बताया था. लेकिन जेठवा के पिता भीखाभाई जेठवा ने गुजरात पुलिस के फैसले के खिलाफ जाकर लड़ाई जारी रखी. उन्होंने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने ये केस सीबीआई को सौपने के आदेश दिए थे. सीबीई की गहन जाँच में सामने आया कि जेठवा हत्याकांड के षड्यंत्र के पीछे सोलंकी समेत सभी सात आरोपियों का ही हाथ है.

सीबीआई कोर्ट के इस फैसले पर जेठवा के पिता भीखाभाई जेठवा ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें न्याय मिल गया है.

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