बिर्ला हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों से लूटखसोट

सांसद श्रीरंग बारणे का आरोप
संवाददाता, पिंपरी। कोरोना के संकटकाल में भी पिंपरी चिंचवड़ के थेरगांव स्थित आदित्य बिर्ला हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा कोरोना के मरीजों से लूटखसोट की जा रही है। मरीजों के परिजनों से मनमाने बिल लिए जा रहे हैं, बिल न देने पर मृतदेह देने से मना किया जा रहा। यह आरोप खुद शिवसेना के सांसद श्रीरंग बारणे ने लगाते हुए खुलासा किया है कि बिर्ला हॉस्पिटल में कोरोना के मरीजों के मृत्यु का प्रमाण सबसे ज्यादा है। उन्होंने मनपा आयुक्त राजेश पाटिल को हॉस्पिटल की उपचार और बिल निर्धारण पद्धति और बिलों की जांच करने की सूचना दी है।
इस बारे में मनपा आयुक्त राजेश पाटील को भेजे गए पत्र में सांसद बारणे ने कहा कि, मनपा ने शहर के सौ से अधिक अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज की अनुमति दी है। राज्य सरकार ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए दरें तय की हैं। इसके बावजूद थेरगांव के आदित्य बिर्ला अस्पताल का प्रशासन कोरोना मरीजों से मनमाने बिल ले रहा है। मरीजों के परिजनों की ओर से लगातार शिकायतें आ रही हैं। अगर कोई मरीज अस्पताल में भर्ती होता है, तो मरीज के रिश्तेदारों को मिलने नहीं दिया जाता, मरीज को फोन पर बात करने की इजाजत नहीं होती, मरीज की मौजूदा स्थिति की जानकारी जल्दी नहीं होती।
हालांकि बिल का भुगतान करने के लिए तुरंत कॉल किया जाता है। बिल का भुगतान नहीं किया जाता है तो मरीजों के शवों को कब्जे में नहीं लिया जा रहा है।  कई प्रकार हैं। कोरोना मरीजों के सबसे ज्यादा मृत्यु दर बिर्ला अस्पताल में है। अब तक सैकड़ों मरीज यहां इलाज के दौरान मौत की चपेट में आ चुके हैं। सांसद बारणे ने कहा कि, बिर्ला अस्पताल प्रशासन के मनमाने आचरण के बारे में कई शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए बिल के संबंध में और अस्पताल के इलाज के तरीकों की जांच होनी चाहिए। यहां मरने वाले मरीजों के बारे में भी पूछताछ की जानी चाहिए। सांसद बारणे ने मृत मरीजों को दिए गए उपचार की गहन जांच का सुझाव दिया है।
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