पुणे में आवासीय बिक्री में 18 फीसदी की गिरावट

 
पुणे। कोरोना वायरस महामारी के चलते मांग में कमी रहने के कारण पिछले साल घरों की बिक्री में कमी दर्ज की गई। संपत्ति सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया द्वारा जारी की गई “इंडिया रियल एस्टेट-रेजिडेंशियल एंड ऑफिस अपडेट H2 2020” रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी है। रिपोर्ट के मुताबिक देश के आठ प्रमुख शहरों में आवासीय बिक्री में गिरावट आई है। इसमें अहमदाबाद में मांग में सबसे ज्यादा और पुणे में सबसे कम गिरावट रही। आंकड़ों के अनुसार पुणे में बीते साल आवासीय बिक्री 18 प्रतिशत घटकर 26 हजार 919 इकाई रह गई, जो इससे पिछले साल 32 हजार 809 इकाई थी।
प्रॉपर्टी सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोविड-19 महामारी के चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में आवासीय बिक्री बीते वर्ष के दौरान सालाना आधार पर 50 प्रतिशत घटकर 21 हजार 234 इकाई रह गई। 2020 में देश के आठ प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों की बिक्री घटकर 1 लाख 54 हजार 534 इकाई रह गई, जो इससे पिछले साल 2 लाख 45 हजार 861 इकाई थी।रिपोर्ट के मुताबिक सभी आठ प्रमुख शहरों में आवासीय बिक्री में गिरावट आई, जिसमें अहमदाबाद में मांग में सबसे गिरावट और पुणे में सबसे कम गिरावट रही। आंकड़ों के अनुसार पुणे में बीते साल आवासीय बिक्री 18 प्रतिशत घटकर 26 हजार 919 इकाई रह गई, जो एक साल पहले 32 हजार 809 इकाई थी।
इसी तरह मुंबई में पिछले साल घरों की बिक्री 20 फीसद की गिरावट के साथ 48 हजार 688 यूनिट रही। जबकि साल 2019 में यह 60 हजार 943 यूनिट थी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि संपत्तियों के पंजीकरण पर अस्थायी रूप से स्टांप शुल्क में कटौती के बाद 2020 के अंतिम चार महीनों के दौरान मुंबई और पुणे में बिक्री बढ़ी। दिल्ली-एनसीआर में 2020 के दौरान आवासीय बिक्री 50 प्रतिशत घटकर 21 हजार 234 इकाई रह गई, जो इससे पिछले साल में 42 हजार 828 इकाई थी। समीक्षाधीन अवधि के दौरान बेंगलुरु में मांग 51 प्रतिशत घटकर 23 हजार 079 इकाई रह गई। आवासीय बिक्री के लिहाज से अहमदाबाद सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ और यहां बिक्री 61 प्रतिशत घटकर 6506 इकाई रह गई। चेन्नई की बात करें, तो यहां घरों की बिक्री साल 2020 में 49 फीसद गिरकर 8654 यूनिट रही। जबकि, इससे पिछले साल यह 16 हजार 959 यूनिट रही थी। हैदराबाद में आवासीय संपत्ति की बिक्री साल 2020 में 38 फीसद गिरकर पहले के 16 हजार 267 यूनिट की तुलना में 10 हजार 042 यूनिट रही। कोलकाता मेंं घरों की बिक्री में 21 फीसद की गिरावट के साथ 11 हजार 266 की तुलना में 8912 यूनिट रही।