रिजर्व बैंक ने दूसरी लहर से निपटने को 50,000 करोड़ की मदद का किया ऐलान

ऑनलाइन टीम. नई दिल्ली : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शशिकान्त दास ने बुधवार की सुबह 10 बजे प्रेस कांफ्रेंस किया और कोरोना की दूसरी लहर से लड़ने के लिए बैंकों द्वारा 31 मार्च 2022 तक अस्पतालों, ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं, वैक्सीन आयातकों, कोविड दवाओं के लिए 50,000 करोड़ रुपये के प्राथमिकता पर आधारित कर्ज देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि 35000 करोड़ रुपये की सरकारी सिक्योरिटीज की खरीद का दूसरा चरण 20 मई को शुरू किया जाएगा।राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जाएगी। ओवरड्राफ्ट में राज्यों को रियायत मिलेगी। ओवरड्राफ्ट सुविधा की अवधि बढ़ाकर 50 दिन कर दी गई है। पहले इसकी अवधि 36 दिन थी।

उन्होंने कहा कि देश इस समय कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। मंगलवार को महज एक दिन में 3 लाख 82 हजार से अधिक केस सामने आए, जो सोमवार की तुलना में करीब 28 हजार केस अधिक हैं।  सेन्ट्रल बैंक कोविड की परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा दुनिया के मुकाबले भारत में रिकवरी तेज हो रही है, लेकिन पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है।

शक्तिकांत दास ने अपने संबोधन के दौरान महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आरबीआई विशेष रूप से नागरिकों, व्यापारिक संस्थाओं और दूसरी लहर से प्रभावित संस्थानों के लिए अपने सभी संसाधनों और उपकरणों को तैनात करेगा।

घोषणा में खास बातें :

– प्रायोरिटी सेक्टर के लिए कोविड लोन बुक बनाए जाएंगे। बैंक अपनी कोविड बुक के बराबर ही रकम रिजर्व बैंक के पास पार्क कर सकते हैं। इसके बदले बैंकों को रेपो रेट से 40 आधार अंक ज्यादा ब्याज मिलेगा।

-केंद्रीय बैंक ने 10,000 करोड़ रुपये तक के स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFB) के लिए लंबी अवधि के रेपो ऑपरेशन (TLTRO) की घोषणा की है। इसका उपयोग प्रति उधारकर्ता 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए किया जाएगा।

– केवाईसी नियम में कुछ बदलाव किए गए हैं। विडियो के जरिए KYC को मंजूरी दी गई है। आरबीआई ने एक दिसंबर 2021 तक लिमिटेड केवाईसी के उपयोग की अनुमति दी है।

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