Report: पिछले 10 साल में देश के 27 करोड़ लोगों को मिली गरीबी से मुक्ति

–    101 देशों की लिस्ट में भारत में सबसे अधिक तेजी से घटी गरीबी दर

–    प्रॉपर्टी,  खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता, पोषण जैसे क्षेत्र बने मापदंड

समाचार ऑनलाइन – देशवासियों के लिए खुशखबरी है कि अब उनके देश से गरीबी कम होती जा रही हैं. पिछले 10 सालों की बात की जाए तो इस दौरान देश से लगभग 27.1 करोड़ लोगों को गरीबी से आजादी मिली है. संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है.

 संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को यह रिपोर्ट जारी की गई है. रिपोर्ट के अनुसार गरीबी के ग्लोबल इंडेक्स (एमपीआई) में भारत सबसे अधिक तेजी से नीचे आया है. देश में प्रॉपर्टी,  खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता और पोषण जैसे क्षेत्रों में बहुत सारे सुधार देखने को मिले हैं. बता दें कि गरीबी के इंडेक्स को मापने के लिए इन क्षेत्रों को मुख्य पैमाने के तौर पर लिया जाता है.

रिपोर्ट के अनुसार साल 2005-2006 में देश में 64 करोड़ यानी 55.1% लोग गरीबी की चपेट में थे. वहीं साल 2015-16 के दौरान यह संख्या घटकर 36.9 करोड़ (27.9%) हो गई.

गौरतलब है कि एमपीआई में कुल 10 मापदंडों को शामिल किया गया है, जो इस प्रकार है-

पैमाना         2005-2006              2015-16

पोषण की कमी   44.3%                      21.2%

शिशु मृत्यु दर    4.5%                        2.2%

खाना बनाने के ईंधन का अभाव     52.9%       26.2%

स्वच्छता का अभाव 50.4%                   24.6%

पेयजल का अभाव    16.6%              6.2%

बिजली का अभाव    29.1%              8.6%

घरों का अभाव       44.9%              23.6%

संपत्तियों का अभाव   37.6%              9.5%

दुनिया के 101 देश स्टडी में शामिल

इस रिपोर्ट में दुनिया के 101 देशों को इस स्टडी में शामिल किया गया था. इन देशों में 31 कम आय वाले, 68 मध्यम आय वाले और 2 उच्च आय वाले देश थे. इस स्टडी में पाया गया कि दुनियाभर में 1.3 अरब लोग बहुआयामी रूप से गरीब हैं. बहुआयामी गरीबी के पैमानों में कम आय के साथ ही खराब स्वास्थ्य, काम की गुणवत्ता में कमी और हिंसा का खतरा जैसे पैमाने भी शामिल हैं.

 

 

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