IPL पर भी मंदी की मार, विजेताओं की रकम हुई आधी, कई नियम भी बदले

उद्घाटन समारोह भी आयोजित नहीं होगा

ऑनलाइन समाचार. नई दिल्ली : BCCI ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन के लिए खर्चे में कटौती (Cost Cutting) करते हुए चैम्पियन और उप-विजेता टीम को मिलने वाली इनामी राशि को 2019 की तुलना में आधा करने का फैसला किया है.  आईपीएल की आठ फ्रैंचाइजी सहित सभी हितधारकों को भेजे गए एक सर्कुलर में भारतीय बोर्ड ने दोहराया है कि वह इस सत्र से आईपीएल का उद्घाटन समारोह आयोजित नहीं करेगा। इसमें कहा गया है कि प्ले-ऑफ स्टैंडिंग फंड भी मौजूदा सीजन के लिए कम किया जाएगा।

 चैंपियन को मिलेंगे 10 करोड़

सर्कुलर में कहा गया है कि आईपीएल-2020 के फाइनल में विजेता को 10 करोड़ रुपये, रनरअप (फाइनल हारने वाली टीम) को 6.25 करोड़ रुपये और तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों (क्वॉलिफायर 2 के प्लेऑफ में हारने वाली और एलिमिनेटर प्लेऑफ मैच हारने वाली टीम) को 4.375 करोड़ (प्रत्येक) दिए जाएंगे. प्लेऑफ स्टैंडिंग फंड में करीब 50 प्रतिशत की कमी के प्रस्ताव पर अभी बहस जारी है।

अब बिजनस क्लास टिकट मिलना मुश्किल

बीसीसीआई ने लागत को और कम करने को अपने कर्मचारियों के लिए नई यात्रा नीतियां बनाई हैं। पहले के नियम के मुताबिक, जहां तीन घंटे से अधिक समय की उड़ान के लिए सीनियर कर्मचारियों के लिए एक बिजनस क्लास टिकट की व्यवस्था थी लेकिन अब यदि फ्लाइट का समय 8 घंटे से कम है तो इकॉनमी क्लास में ही सफर करना होगा। जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने इस बारे में बताया कि दो या तीन वरिष्ठतम कर्मचारियों को छोड़कर संचालन प्रमुखों सहित, सभी पर यह नियम लागू होगा।

साफ है कि

आर्थिक मंदी की मार झेल रही कंपनियाँ आईपीएल के दूसरे सत्र में अपनी टीमों पर इस तरह धन नहीं बहा पाएंगी, जैसा कि उन्होंने पहले सत्र में किया था, क्योंकि दुनिया भर में आर्थिक मंदी की चपेट में आईपीएल टीमों के स्वामित्व वाली कंपनियाँ भी हैं।

खबरों के मुताबिक डेक्कन क्रोनिकल के स्वामित्व वाली हैदराबाद डेक्कन चार्जर्स टीम को बेचा जा रहा है और उसके कई खरीदार तैयार हैं।

डेक्कन क्रोनिकल के इस कदम के पीछे उसके महँगे खिलाड़ियों का दोयम दर्जे का प्रदर्शन तो जिम्मेदार है ही, साथ ही कंपनी अभी मंदी की चपेट में है।
इसी साल जनवरी में जहाँ डेक्कन क्रोनिकल के शेयर की कीमत 243 रुपए थी, वही अब घटकर 43.40 रुपए रह गई है।

इसी तरह चेन्नई सुपर किंग्स को खरीदने वाली इंडिया सीमेंट को भी आर्थिक मंदी ने भारी नुकसान पहुँचाया है। जनवरी 2008 में इंडिया सीमेंट के शेयरों की कीमत 309 रुपए थी, जो वर्तमान में घटकर 74.05 रुपए रह गई है। इसी तरह मुंबई इंडियंस टीम के मालिक मुकेश अंबानी भी मंदी से खासे प्रभावित हैं। उनकी रिलायंस इंड्रस्टी के शेयरों के जनवरी-फरवरी 2008 में 3175 रुपए का स्तर देखा, लेकिन फिलहाल इसका शेयर गिरकर 1,015 रुपए तक आ चुका है। जब सम्पत्ती में अचानक एक तिहाई कम हो जाए तो चिंता बढ़ जाती है। आईपीएल की टीमें खरीदने वाली टीमों के साथ भी यही है।

किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने बेंगलोर रॉयल चैलेंज टीम खरीदी है।माल्या अपनी एयर लाइंस से लेकर पेय उत्पाद कंपनियों में घाटा सह रहे हैं। साथ ही आईपीएल के पहले सत्र में उनकी टीम ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था। आर्थिक घाटे और टीम की असफलता ने आईपीएल के प्रति माल्या के उत्साह को कम कर दिया है। पहले सत्र में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम इमर्जिंग मीडिया के स्वामित्व की है। आर्थिक मंदी के चलते इमर्जिंग मीडिया ने शेयर बाजार में कंपनी को लिस्ट कराने का विचार त्याग दिया है।

हालाँकि फ्रेंचाइसी को टीम और टीवी चैनलों को प्रसारण अधिकार बोर्ड पहले ही बेच चुका है, लेकिन मंदी के बाद अब इतना तो तय है कि आईपीएल का दूसरे सत्र में वह चमक नहीं दिखेगी, जिसकी उम्मीद पहले सत्र की सफलता के बाद लगाई जा रही थी।

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