सवाल गहराया…बिटक्वाइन पर  प्रतिबंध, तो क्या डिजिटल मुद्रा को हरी झंडी

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : सरकार के तेवर से निवेशकों के बीच यह आशंका गहरा रही है कि सरकार बिटक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को बैन करने का फैसला कर सकती है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में एक सवाल पर दिए जवाब में बताया कि एक उच्च स्तरीय समिति ने सभी निजी क्रिप्टोकरेंसी पर भारत में प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है। समिति ने कहा है कि केवल सरकार की ओर से जारी ई-करेंसी को ही भारत में मंजूरी दी जाए। बता दें कि एक मोटे अनुमान के अनुसाल देश में डेढ़ से दो करोड़ डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी खरीदी गई है।

भारत में उन निवेशकों ने अब कानूनी मदद लेने की ओर कदम बढ़ाना शुरू किया है, जिन्होंने यह बिटक्वाइन या ऐसी ही कोई क्रिप्टोकरेंसी खरीदी है। भारतीय एक्सचेंजों में कई तरह की क्रिप्टोकरेंसी उपलब्ध हैं। इनमें बिटक्वाइन के अलावा, रिपल, एथेरियम, लाइटक्वाइन, बिटक्वाइन कैश और मोनेरो जैसी करेंसी शामिल हैं। इंडियन एक्सचेंजों में तीन तरह के बिटक्वाइन उपलब्ध हैं। इनमें बाइयूक्वाइन, लोकल बिटक्वाइन और यूनोक्वाइन शामिल हैं। बाइयूक्वाइन की कीमत 36 लाख 7,500 रुपये से ऊपर चल रही है।

याद रहे,  भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2018 में एक सर्कुलर जारी कर क्रिप्टोकरेंसी कारोबार को बैन किया था। लेकिन मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल करेंसी, जिसे क्रिप्टोकरेंसी भी कहते हैं, उससे ट्रेड को मंजूरी दे दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद वर्चुअल करेंसी जैसे बिटक्वाइन में कानूनी रूप से लेन-देन किया जा सकता है।

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