पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोरोनावायरस से निपटने की वैक्सीन विकसित की, 6 महीने होगा परिक्षण

पुणे: समाचार ऑनलाइन- चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस अब तक हजारों लोगों में फैल चुका है। दुनिया भर के कई देशों में कथित वायरस ने कईयों को अपनी चपेट में ले लिया है. युद्धस्तर पर इसकी रोकथाम के लिए रिसर्च की जा रही है, लेकिन अभी तक असफलता ही हाथ लगी है. ऐसे में पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोरोना वायरस को रोकने का एक टीका विकसित कर लिया है. अमेरिकन बायोटेक्नोलॉजी कंपनी Codogenics की मदद से इस वैक्सीन को विकसित किया गया है. यह वैक्सीन प्राथमिक स्तर पर चिकित्सा जांच के लिए उपलब्ध है. करीब 6 महीने में किसी व्यक्ति पर वैक्सीन का परीक्षण किया जाएगा।

एसआयआय के CEO अदर पूनावाला ने दावा किया है कि, “यह वैक्सीन कोरोनावायरस को रोकने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी. इस विकसित टीके से बहुत अधिक प्रतिरक्षा शक्ति पैदा होती है। वैक्सीन छह महीने में मानव परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगा। यह भारत का यह ऐसा पहला टीका होगा.”

साल 2020 तक तैयार हो जाएगा

पूनावाला ने आगे कहा कि, मानव परीक्षण के बाद, वैक्सीन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी. इसके बाद वैक्सीन का इस्तेमाल कोरोना वायरस को रोकने के लिए किया जाएगा। मानव शरीर पर वैक्सीन के परिक्षण हेतु करीब 1 साल लग जाएगा. आशा है कि साल 2020 के प्रारंभ में टिका निर्मित हो जाएगा. इससे पता चलता है कि भारत कैसे विश्व स्तर पर फैली बीमारी से निपटने में कितना सक्षम है.

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