Pune News | नगरसेवक पद से इस्तीफा देने के बाद तुषार कामठे का बड़ा खुलासा 

मैं अकेले नहीं, भाजपा के 30 नगरसेवक हैं नाराज; हमारी नाराजगी पार्टी से नहीं स्थानीय नेताओं पर है

पिंपरी, संवाददाता। Pune News | सत्तादल भाजपा (BJP) के फायरब्रांड नगरसेवक के रूप में पहचाने जानेवाले तुषार कामठे (Tushar Kamathe) ने बीते दिन नगरसेवक पद (Corporator post) से इस्तीफा (Resignation) देने के बाद शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन के जरिये बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि, नाराज चल रहे वे अकेले नगरसेवक नहीं हैं जबकि भाजपा के ऐसे नगरसेवकों की संख्या 30 के करीब है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी पार्टी यानी भाजपा से नहीं बल्कि स्थानीय नेताओं से हैं। पार्टी के स्थानीय नेताओं को ठेकेदार करार देकर कामठे ने पिंपरी चिंचवड़ मनपा (Pimpri Chinchwad Municipal Corporation) के सत्तादल भाजपा के ‘कारभारी’ रहे दोनों विधायकों को चुनौती दी है कि विधायक निधि या राज्य सरकार (State Government) के बजट (Budget) से शहर में क्या विकास काम किये हैं? उन्होंने दावा किया कि जिन विकासकामों का दावा विधायकों द्वारा किया जा रहा है वे सभी मनपा के माध्यम से किये गए (Pune News) हैं।

 

 

भाजपा के ‘कारभारी’ रहे विधायक लक्ष्मण जगताप (Laxman Jagtap) एवं विधायक व शहराध्यक्ष महेश लांडगे (Mahesh Landge) का नामोल्लेख किये बिना तुषार कामठे ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि, पिंपरी चिंचवड़ (Pimpri Chinchwad) में भाजपा मूल भाजपा है ही नहीं, जिनके हाथों में पार्टी के सूत्र हैं उनमें भाजपा का कोई गुण ही नहीं है। स्थानीय नेताओं की मनमानी, हुक़ूमशाही, हिटलरशाही व भ्रष्ट कार्यप्रणाली से पार्टी के कई नगरसेवक नाराज चल रहे हैं। ऐसे नगरसेवकों की संख्या 30 है और उनकी नाराजगी पार्टी से नहीं बल्कि नेताओं से है। उन्होंने कहा कि अगर उनके द्वारा उजागर किये गए भ्रष्टाचार (Corruption) के मामले में पार्टी उनके साथ या उनके पक्ष में आती, स्थानीय नेताओं ने मदद की होती तो उन्हें इस्तीफा देने का समय नहीं आता। इन भ्रष्टाचार के मामलों को राज्य में पार्टी के शीर्ष नेता, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के संज्ञान में भी लाया गया था। आम सभा में भ्रष्टाचार उजागर करने के बाद एक माह तक इंतजार किया। हालांकि, कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके चलते उन्होंने जिले के पालकमंत्री अजीत पवार (Ajit Pawar) के पास शिकायत दी और संबन्धित ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

 

कामठे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल पार्षद पद से इस्तीफा दिया है और भाजपा की सदस्यता नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि किस पार्टी में शामिल होना है और यह आठ दिनों में तय हो जाएगा। यह कहते हुए कि केवल पानी, सड़क और बिजली विकास (Power Development) नहीं है, कामठे ने उस आधार पर प्रसिद्धि का ढोल पीट रहे भाजपा नेताओं को कड़ी फटकार लगाई। बाकी असंतुष्ट भाजपा पार्षद चुप हैं क्योंकि उन्हें कुछ समस्या है। मुझे कोई पद नहीं चाहिए, मुझे कोई समस्या नहीं है। इसलिए मैं आगे आ रहा हूं और बात कर रहा हूं। मैंने समय-समय पर मनपा की सभा में और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर पेयजल के मुद्दे पर, सिक्योर आईटी सॉल्यूशन कंपनी (Secure IT Solution Company) के 55 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन (Protest) किया।

 

पार्टी के स्थानीय नेता और वरिष्ठ पहले से ही इसे लेकर उदासीन थे और उनकी नीति समय-समय पर मुझे परेशान करने की थी। इसके विरोध में मैंने पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाजपा विधायकों और पदाधिकारियों की मनपा की तिजोरी लूटने की नीति सामाजिक चेतना जगाने की है। लोगों की आँखों में आशा थी, परिवर्तन की उसी आशा ने मुझे प्रेरित किया और मैं अथक परिश्रम करने लगा, मैं भारतीय जनता पार्टी की सर्वांगीण विचारधारा का प्रशसंक रहा हूँ। मुझे लगता है कि केंद्र और राज्य के विभिन्न नेताओं के विचार विकासोन्मुखी हैं। इसलिए अगले पांच सालों में मैंने फैसला किया कि मैं लोगों के लिए, उन लोगों के लिए करना चाहता हूं जो मुझ पर विश्वास करते (Pune News) हैं।

 

 

मैं लोगों की समस्याओं और दर्द से वाकिफ था क्योंकि मेरी जमीन पर काम करने की संस्कृति थी। पीने के पानी के बुनियादी मुद्दे को उठाते हुए, मैंने आवाज उठाई, विरोध किया, भूख हड़ताल की और अविश्वसनीय भीड़ मेरे साथ खड़ी रही। जनता के पैसे का गबन करने वाले भ्रष्ट लोगों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मैं पिछले पांच साल से हर संभव कोशिश कर रहा हूं, यह दर्द कई दिनों से मेरे मन में बैठा था, लेकिन फिर भी मैंने जनसेवा का व्रत नहीं छोड़ा और न हार मानी। सही मायने में, मैंने अजीत पवार में वह राजनीतिक कौशल और साहस देखा, जिसकी मुझे शहर के नेताओं में तलाश थी। इस तथ्य के बावजूद कि मैं दूसरी पार्टी का पार्षद हूं, उन्होंने तुरंत मेरी सही मांग पर ध्यान दिया और मेरी हर संभव मदद की। भले ही नगरसेवक पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि लोगों के प्रति मेरी प्रतिबद्धता हमेशा बनी (Pune News) रहेगी।

 

 

 

Nawab Malik | ईडी की कस्टडी में बिगड़ी नवाब मलिक की तबीयत, इलाज के लिए जेजे अस्पताल में भर्ती

Pune Crime | पुलिस आयुक्त की चेतावनी के बाद भी येरवडा में अवैध धंधा जोरों पर, उपायुक्त की विशेष टीम ने जुए के अड्डे पर छापा मारकर 32 लोगों के खिलाफ की कार्रवाई

You might also like

Comments are closed.