Pune News | विधायक लक्ष्मण जगताप के भाई के दफ्तर पर पेट्रोल बम हमले की गुत्थी सुलझी

बर्थडे केक काटने के लिए नहीं रुकने की नाराजगी में किया हमला; दो नाबालिग हिरासत में, चार गिरफ्तार; हमले के बाद विरोधियों को धमकाकर पैसे ऐंठने की भी थी साजिश; स्व नगरसेवक दत्ता साने के दफ्तर में तोड़फोड़ के बाद विरोधी से वसूले थे 20 लाख

पिंपरी : Pune News | भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक लक्ष्मण जगताप (MLA Laxman Jagtap) के भाई एवं पूर्व नगरसेवक शंकर जगताप (Shankar Jagtap) के पिंपले गुरव स्थित चंद्ररंग डेवलपर्स के दफ्तर पर 23 नवंबर को किये गए पेट्रोल बम (petrol bomb) हमले की गुत्थी को पिंपरी चिंचवड़ (Pimpri Chinchwad) की सांगवी पुलिस (Sangvi Police) ने सुलझा लिया है। इस मामले में दो नाबालिगों को हिरासत में लेकर चार आरोपियों को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया है जबकि एक आरोपी को पुणे की खड़की पुलिस (Khadki Police) ने हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में इस पेट्रोल बम हमले की जो वजह (Pune News) सामने आयी है, वह काफी चौंकाने वाली है। पुलिस आयुक्त कॄष्ण प्रकाश (Krishna Prakash) ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इसका खुलासा किया।

 

इस पेट्रोल बम हमले के मास्टरमाइंड रहे आरोपी का दो माह पहले जन्मदिन था। वह अपने कुछ साथियों के साथ ‘मास्टरमाइंड’ लिखा हुआ केक लेकर पूर्व नगरसेवक शंकर जगताप (Shankar Jagtap) की मौजूदगी में काटने के लिए ले गया था। तब जगताप अपनी व्यस्तता के चलते बिना केक काटे निकल गए थे। आरोपी के मन में इसकी नाराजगी थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने पेट्रोल बम हमले की साजिश रची और अपने साथियों के जरिये उसे अंजाम भी दिया। यही नहीं इस हमले के बाद वह जगताप के विरोधियों को यह डर दिखाकर पैसे ऐंठना चाहता था कि उसके साथी पुलिस (Police) को उसका नाम बता देंगे कि इस हमले में वह जिम्मेदार है। इन आरोपियों ने इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस के स्व नगरसेवक दत्ता साने (Corporator Datta Sane) के दफ्तर में हुई तोड़फोड़ के बाद उनके एक विरोधी से 20 लाख रुपए वसूले थे। पेट्रोल बम हमले के बाद वह अपने साथी के साथ घटनास्थल पर दो बार गया था, एक बार जब वहां गया था तब पुलिस आयुक्त समेत अन्य आला अधिकारी भी वहां मौजूद थे। ऐसा पुलिस की जांच (Pune News) में सामने आया है।

 

 

इस मामले में गिरफ्तार (Arrest) किए गए आरोपियों में तन्मय रामचंद्र मदने (Tanmay Ramchandra Madne) (वय 19, निवासी पिंपले गुरव, पुणे), विक्रम विजय जवलकर (Vikram Vijay Jawalkar) (20, निवासी रेल्वे गेट के सामने, कासारवाडी, पुणे), प्रद्युम्न किशोर भोसले (Pradyuman Kishore Bhosale) (23, निवासी पिंपले गुरव, पुणे) और देवेंद्र बिड़लान (Devendra Bidlan) का समावेश है। इनका एक साथी सैमसंग एमेट खड़की पुलिस (Khadki Police) की हिरासत में है। प्रद्युम्न इस पेट्रोल बम हमले का मास्टरमाइंड है। वह, देवेंद्र और सैमसंग तीनों क्लासमेट है। देवेंद्र और सैमसंग डेढ़ साल पहले स्व नगरसेवक दत्ता साने (Corporator Datta Sane) के दफ्तर पर किये गए हमले के आरोपी हैं। हमले के बाद प्रद्युम्न ने साने के एक विरोधी से उसका नाम पुलिस को बताने की धमकी देकर 20 लाख रुपए वसूले थे। हालांकि पुलिस इसकी हकीकत तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है। विधायक जगताप के भाई के दफ्तर पर हमले के बाद भी वह उनके विरोधी से इसी प्रकार से पैसे वसूलने वाला था, ऐसा उसने पुलिस जांच में बताया। हालांकि इस बार उसकी साजिश कामयाब होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें धरदबोचा। इन आरोपियों के खिलाफ मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध प्रतिबंध कानून) के तहत कार्रवाई की जाएगी, यह भी पुलिस आयुक्त ने बताया।

 

 

23 नवंबर को पूर्व नगरसेवक शंकर जगताप (Shankar Jagtap) के दफ्तर पर पेट्रोल बम हमले में शामिल आरोपी मास्क पहने हुए थे और दोपहिये की नबंर प्लेट पर टेप लगाया गया था, इसलिए उनकी शिनाख्त करना मुश्किल था। वारदात में इस्तेमाल की गई दोपहिये का रंग यूनिक रहने से रंग के आधार पर दोपहिये की खोजबीन की गई। कुछ घँटे में ही दोपहिये के मालिक विक्रम जवलकर (Vikram Vijay Jawalkar) को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसके तबेले में ही यह पूरी साजिश रची गई थी। उसकी दोपहिये पर सवार होकर तन्मय मदने जोकि एक नेत्र चिकित्सक डॉक्टर का बेटा है और बीएससी के तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है और नाबालिग लड़कों ने इस पेट्रोल बम हमले को अंजाम दिया। तन्मय ईजी मनी और जल्द नाम कमाने के लिए इस वारदात में शामिल हुआ है, ऐसा (Pune News) सामने आया है। तीनों हमलावरों को सांगवी पुलिस (Sangvi Police) ने तामहिनी घाट परिसर से वारदात वाली देर रात में ही हिरासत में लिया। उनके फोन से इंस्टाग्राम अकाउंट से प्रद्युम्न को कॉल किया गया था। उसके बारे में पूछताछ करने पर वह इस हमले का मास्टरमाइंड रहने की बात सामने आयी। दूसरे दिन उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

 

 

जन्मदिन का केक काटने के नहीं रुकने पर हुए अपमान का बदला लेने और स्व दत्ता साने के मामले की तरह शंकर जगताप के विरोधियों से धमकाकर पैसे वसूलने के लिए उसने अपने साथी सैमसंग और देवेंद्र के साथ मिलकर इस पूरी वारदात की साजिश रची। इस गुत्थी को सुलझाने में पुलिस उपायुक्त आनंद भोइटे, सहायक पुलिस आयुक्त श्रीधर जाधव, प्रशांत अमृतकर के मार्गदर्शन में सांगवी थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनिल टोणपे, निरीक्षक (क्राइम) सुनिल तांबे, सहायक निरीक्षक सतिश कांबले, दिलीप जाधव, उपनिरीक्षक येडे, गोसावी, वरूडे, गायकवाड, कर्मचारी नितीन काले, गणेश धामणगावकर, विजय मोरे, प्रविण पाटील, विवेक गायकवाड, प्रमोद गोडे, सागर सुर्यवंशी, हेमंत हांगे, अनिल देवकर, विनायक डोलस, विश्वनाथ असवले, नुतन कोंडे की टीम ने अहम भूमिका निभाई

 

 

 

 

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