Pune News | मनी लांड्रिंग मामले में जरंडेश्वर चीनी मिल की जांच

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटील का दावा, अजीत पवार को दी सलाह केवल ‘जरंडेश्वर’ का दे जवाब
पिंपरी, संवाददाता। Pune News | करीबियों और रिश्तेदारों के घरों में आयकर विभाग की छापेमारी (Income Tax Department raids) , ईडी की जांच आदि मुद्दों पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने 65 चीनी मिलों की खरीद- फरोख्त की सूची जारी (Pune News) की। इसके जवाब में शनिवार को पिंपरी चिंचवड़ में पधारे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने दावा किया कि, जरंडेश्वर और अन्य चीनी मिलों की खरीदी के मसले अलग अलग हैं। जरंडेश्वर चीनी मिल की जांच मनी लांड्रिंग मामले (money laundering cases) में की जा रही है। उसके निदेशक कौन हैं, उसमें पैसे कहाँ से आये, किस फर्जी कंपनी का सहभाग था, ब्लैक मनी वाइट करने के लिए जरंडेश्वर का इस्तेमाल किया गया। पाटिल ने अजीत पवार (Ajit Pawar) को सलाह दी कि वे केवल जरंडेश्वर चीनी मिल के बारे में ही जवाब दें।
आज शाम एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं के साथ की गई बातचीत में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि, 65 चीनी मिलों की बिक्री हुई है तो उसकी जांच करें, किसने रोका है। जरंडेश्वर का मामला अलग है, उसकी जांच ईडी कर रही है। ईडी मनी लांड्रिंग के मामलों की ही जांच (Pune News) करती है। यानी फर्जीवाड़े के जरिये आपकी ब्लैक मनी वाइट करने के मामले। अन्य मिलों का मसला अलग है। अगर कम दाम में बिक्री हुई है तो उसके बारे राज्य सहकारी बैंक की जांच की जानी चाहिए। उसके निदेशक भी अजीत पवार हैं, उनकी भी जांच की जाय। आर्यन खान के मामले को लेकर महाराष्ट्र को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों पर चंद्रकांत पाटिल ने कहा, मैं एनसीबी का अधिकारी नहीं हूं। इस उम्र में अफसर बनने का तो सवाल ही नहीं उठता।  मेरे लिए यह कहना उचित नहीं है कि एनसीबी को क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए। एक आम नागरिक के तौर पर मेरा एक सवाल है कि शाहरुख खान का बेटे को लेकर इतनी खींचातानी क्यों? नवाब मलिक रोज कुछ न कुछ कहेंगे तो महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। शाहरुख खान के बेटे को नहीं जमानत नहीं मिल रही है। वह भी एक तरह से अच्छा है वरना वह कहते कि हाई कोर्ट को भी मैनेज किया। यह मामला गंभीर है, उसकी जड़ तक जाने के लिए जमानत नहीं दी जा रही है।
भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया हर जगह जाते हैं। पिंपरी-चिंचवड़ में एसीबी के छापे भी पड़े तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। इस बारे में पूछे जाने पर पाटिल ने कहा, यह कांग्रेस की विशेषता है, ध्यान भटकाने के लिए दूसरे मुद्दे उठाए जाते हैं। मान लीजिए यहां एसीबी की छापेमारी हुई तो एसीबी किसके पास है? एसीबी के साथ फॉलोअप करें, किरीट सोमैया को इसके लिए आना चाहिए या नहीं, यह वे तय करें वे अपने मन के राजा हैं। मनसे के साथ गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। ऐसा अक्सर कहा है। 
परप्रांतीय के मुद्दे पर उनकी भूमिका आरएसएस और भाजपा को स्वीकार्य नहीं है। हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा के खिलाफ नहीं जा सकते, चंद्रकांत पाटिल ने समझाया। साथ ही, ‘हम पार्टी को संभालने में सक्षम हैं। शरद पवार को उसकी चिंता नहीं करनी चाहिए। जबकि पिंपरी चिंचवड़ में अजित पवार, पार्थ पवार, रोहित पवार के रहते शरद पवार को ध्यान देना पड़ रहा है, इसकी चिंता करें। अगर हमारी पार्टी के भीतर कोई समस्या है तो हम इसे करने में सक्षम हैं। हम अपने विधायकों और पार्षदों को ठीक रखने में सक्षम हैं। मनपा चुनाव में शरद पवार पर ध्यान देने का समय आ गया है। अजीत पवार और अमोल कोल्हे पहले से ध्यान दे रहे हैं, इसका मतलब साफ है कि हमें हराना आसान नहीं है।

 

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