पुणे मनपा का प्राइवेट अस्पताल को झटका, मरीजों से वसूले गए थे ज्यादा बिल, लौटाए 4 करोड़

पुणे: ऑनलाइन टीम- कोरोना के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों से प्राइवेट अस्पताल बहुत ज्यादा बिल वसूल रही है। इसकी बार-बार शिकायत आ रही है। वहीं दूसरी ओर पुणे मनपा ने ऑडिटर नियुक्त किया था, इस वजह से पिछले डेढ़ साल में करीब एक हजार मरीजों के बिल की जांच से करीब 4 करोड़ रुपये की कटौती की बात सामने आई है।

पुणे मनपा द्वारा मरीजों की शिकायत दूर करने के लिए डेढ वर्ष पहले सभी प्राइवेट अस्पताल में मनपा के ऑडिटर नियुक्त कियाथा। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित रेट के अनुसार हॉस्पिटल बिल ले रहा है कि नहीं इसकी जांच मनपा के स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही थी। गौरतलब है कि पिछले डेढ़ साल में करीब एक हजार मरीजों के लगभग 4 करोड़ रुपये बिल को जांच में कम किया गया। वहीं 26 बिल चुकाकर घर जाने वाले मरीजों को करीब 20 लाख रुपये मनपा ने अस्पताल से दिलाए।

मनपा ने कुल 1365 बिल की जांच की। इसमे से 1000 बिल की रकम ज्यादा थी। इसा बिल की कुल रकम लगभग 24 करोड़ थी। जांच के दौरान साढे 4 करोड़ रुपये कम किए गए। कम किए गए बिल के बाद अस्पताल में लगभग 20 करोड़ चुकाया गया। वहीं जांच के दूसरे प्रकार जिसे ओस्ट ऑडिट कहा जाता है, उसमे मरीज के बिल भरने के बाद आई शिकायत की संख्या 222 थी।

इन सभी मामलों की जांच के बाद 100 मामलों में अस्पताल को नोटिस जारी किया गया। इनमें से 15 मामलों में दस्तावेज नहीं मिलने के कारण जांच चल रही है। प्राप्त शिकायतों में से 89 शिकायतों का बिल सही पाए जाने पर निस्तारित किया गया। वहीं बाकी 26 मामलों में जांच में पता चला है कि अस्पतालों ने ज्यादा बिल लिया है।

इन मामलों में 18 लाख रुपये रिफंड करने में सफलता मिली। इसमें से कुछ मरीजों से 50 हज़ार से 1 लाख रुपये ज्यादा वसूले गए।  अभी तक आई शिकायतों में सबसे ज्यादा शिकायत सह्याद्री अस्पताल के हैं, यह जानकारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीषा नाईक ने दी।

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