Pune Crime | कोंढवा पुलिस ने पुणे कैंटोनमेंट बोर्ड के भाजपा के पूर्व नगरसेवक विवेक यादव को गुजरात बॉर्डर से गिरफ्तार किया 

 

पुणे, 22 जुलाई : (Pune Crime) कुख्यात अपराधी की हत्या (murder) की साजिश रचने के मामले में फरार पुणे कैंटोनमेंट बोर्ड (Pune Cantonment Board) के पूर्व नगरसेवक विवेक यादव (Former corporator Vivek Yadav) को कोंढवा पुलिस (Kondhwa Police) ने गुजरात बॉर्डर (Gujarat Border) से गिरफ्तार कर लिया है।  इससे पहले इस मामले में हत्या की सुपारी लेने वाले दो किलर (Pune Crime) को गिरफ्तार किया गया था।

कोंढवा पुलिस स्टेशन में इस मामले में केस दर्ज है।  पुलिस ने हत्या की साजिश का पर्दाफाश करते हुए किलर जॉन राजमनी (उम्र 38 वर्ष, नि भाग्योदनगर, कोंढवा ) और इब्राहिम उर्फ़ हुसैन याकूब शेख (उम्र 27, नि – वाकड) को गिरफ्तार किया था।
विवेक यादव भाजपा के लष्कर कैंटेनमेंट बोर्ड का पूर्व नगरसेवक है।  2016 में यादव पर गणेशोत्सव के दौरान रात में फायरिंग की गई थी।  यह  फायरिंग शातिर बदमाश बबलू गवली ने की थी।  दोनों के बीच पहले से ही दुश्मनी थी. इसी वजह से यह फायरिंग की गई थी।  पहले की फायरिंग और पुरानी दुश्मनी को लेकर विवेक यादव ने दो आरोपियों को बबलू गवली की हत्या की सुपारी दी थी।  उसे कहां  और कैसे मारना है यह भी तय किया गया था।  इसे लेकर कॉल और चैटिंग में दोनों से बात की गई थी।
इस बीच बबलू गवली कोरोना की वजह से जमानत पर जेल से छूट कर बाहर आ गया।  उसे इसी दौरान मारना तय किया गया था।  इसे लेकर साजिश बनाये जाने की जानकारी पुलिस को मिल गई।  इसके अनुसार पुलिस ने घटना से पहले ही दोनों को पकड़ लिया।  दोनों के पास से 3 पिस्तौल और 7 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
इस मामले में विवेक यादव और उसका साथी फरार था।  पुलिस दोनों को कई दिनों से तलाश रही थी।  इसके लिए तीन अलग-अलग टीमें और क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही थी।  लेकिन वह मिल नहीं रहा था।
इसी बीच कोंढवा पुलिस को जानकारी मिली कि विवेक यादव गुजरात में है।  इसके बाद टीम ने उसका पीछा कर उसे गुजरात बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया।  उसे पुणे लाया जा रहा है।  लेकिन अभी तक विवेक यादव के साथी और पिस्तौल उपलब्ध कराने वाले को पुलिस पकड़ नहीं पाई है।  उनकी तलाश की जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता, डीसीपी नम्रता पाटिल के मार्गदर्शन में कोंढवा पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सरदार पाटिल, पुलिस सब इंस्पेक्टर प्रभाकर कापुरे, हवलदार योगेश कुंभारे, पुलिस नाइक सुशील धिवार और उनकी टीम ने की हैं।
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