Pune Corporation GB | नदी तट सुधार योजना के 3 फेज का काम पीपीपी आधार पर; पहले फेज का 700 करोड़ रुपये का काम मनपा निधि से बाकी के 2 फेज का काम ‘पीपीपी’ से करने का फैसला

पुणे (Pune News) : Pune Corporation GB | नदी किनारे सुधार योजना चलाने के लिए लगभग 4 हजार 727 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के पहले तीन पैकेज का काम प्रायोगिक तत्व पर करने का फैसला (Pune Corporation GB) आज सर्वसाधारण सभा में लिया गया। इसमें से एक पैकेज का 700 करोड़ रुपये खर्च मनपा  (Pune Corporation) के आर्थिक प्रावधान से किया जाए, वहीं बांकी के काम पीपीपी (PPP) तत्व पर करने का फैसला लिया है।

 

पुणे मनपा (Pune Corporation) की ओर से शहर के मुला-मुठा नदी किनारे सुधार (Mula-Mutha Riverfront Development) करने की रूपरेखा तैयार की गई। इसके लिए 4 हजार 727 करोड़ रुपये खर्च किए गए। अगले पांच वर्ष के बजट में प्रोजेक्ट के लिए प्रावधान करने का प्रस्ताव मान्यता के लिए सर्वसाधारण सभा के सामने मंजूरी के लिए रखा गया था। नदी सुधार योजना (River Improvement Plan) को 2018 में मान्यता दी गई थी और इसका खर्च 2650 करोड़ था।

 

इस योजना के 11 में से तीन चरण का काम प्रायोगिक तौर पर किया जाएगा। इसमें एक चरण के लिए 700 करोड़ रुपये खर्च मनपा की निधि से किए जाएंगे बांकी का खर्च पीपीपी (PPP) तत्व पर करने का फैसला एकमत से लिया गया है।

 

72 बी की वजह से मनपा का दायित्व बढ़नेवाला है। बड़ी परियोजना की धुन में अत्यावश्यक काम के लिए मनपा के पास पैसे ही नहीं बचेंगे, ऐसा डर डॉ. सिद्धार्थ धेंडे (Dr. Siddharth Dhende) ने व्यक्त किया।

 

अविनाश बागवे (Avinash Bagwe) ने कहा कि सही मायने में कौन से तीन पैकेज करेंगे यह स्पष्ट नहीं है। पहले की तुलना में दोगुना खर्च होनेवाला है, हालांकि काम पहले से कम हुए हैं। पुणे (Pune), पिंपरी (Pimpri), कंटोनमेंट के शेयर क्या होंगे यह स्पष्ट नहीं है।

 

विशाल तांबे (Vishal Tamb) ने कहा कि हम इसके लिए एक और एसपीवी कंपनी (SPV Company) स्थापित कर रहे हैं। मनपा के साढे चार हजार करोड़  की आय है फिर भी दायित्व हजारो करोड़ों का ले रहे हैं।

 

एंवायरमेंटल रिपोर्त में हम कह रहे हैं कि निर्माण नहीं होगा लेकिन वहीं दूसरी ओर 18 हजार स्कॉयर फिट का निर्माण करनेवाले हैं।

 

दत्तात्रय धनकवडे (Dattatray Dhanakwade) ने कहा, हमारे समय में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुवात हुई। देरी होने के कारण खर्च बढ- गया।

 

प्रशांत जगताप (Prashant Jagtap) ने कहा इस परियोजना क प्रस्तुतिकरण उनके नेता शरद पवार (Sharad Pawar), अजित पवार (Ajit Pawar) के पास भी किया गया है। इस परियोजना को करते समय खडकवासला तक के बारे में विचार करें। इस परियोजना को पूरा करते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह पुणेकरों की पसंद पर खरा उतरे।

 

पृथ्वीराज सुतार (Prithviraj Sutar) ने अपील की कि इसे आदर्श प्रोजेक्ट बनाएं। आबा बागुल ने कहा कि नदी सुंदर बनेगा। सभागार में डीपीआर रखते समय सभी को जानकारी मिली। साबरमती परियोजना (Sabarmati Project) की तरह सरकार से निधि मिलती तो अच्छा होता। सीएसआर (CSR) से भी इसके लिए निधि मिल सकती है, इस बारे में सोचें। विरोधी पक्ष नेता दिपाली धुमाल ने इस प्रोजेक्ट को सपोर्ट करते हुए कहा कि मुला मुठा साबरमती न बनें। परियोजना पर्यावरण पूरक हो यही उम्मीद है और इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करें।

 

गणेश बिडकर (Ganesh Bidkar) ने कहा इस प्रोजेक्ट पर एकमत हुआ है, यही सभागृह की खासियत है। राज्य सरकार (State Government) ने इसे मान्यता दी है। सबका विचार कर इस प्रोजेक्ट को लेकर आए हैं। यह प्रोजेक्ट 11 पैकेज में करेंगे। इसलिए तुरंत पैसा नहीं लगेगा। दुनियाभर में इस प्रोजेक्ट को चलाया जा रहा है। हमें 44 किलोमीतर का नदी किनारा मिला है, यह हमारा सौभाग्य है। आय बढ़ाने के लिए प्रशिक्षू नगरसेवकों का एक ग्रुप तैयार किया तो हम अपने सभी प्रोजेक्ट को आगे लेकर जा सकते हैं। सभी सदस्य शहर की भलाई के लिए आगे आते हैं, यही इतिहास है। 8 सिन में सभी प्रक्रिया पूरा करें।

 

नदी किनारे सुधार योजना के लिए अगले पांच वर्ष के बजट में प्रावधान करने का प्रस्ताव दो सप्ताह पहले स्थायी समिति में मंजूर किया गया था। उसके बाद शहर के पर्यावरण प्रेमी ने इस परियोजना की वजह से नदी जैव विविधता पर पर्यावरण का नुकसान होने के साथ ही बढ़े हुए खर्च का विरोध किया।

 

सुभाष जगताप के बयान पर विवाद

 

राष्ट्रवादी कांग्रेस के नगरसेवक सुभाष जगताप (Nationalist Congress Corporator Subhash Jagtap) ने भाषण की शुरुआत करते ही 72 ब पर वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर अपशब्द का इस्तेमाल करने से सत्ताधारी नाराज हो गए। जगताप माफी मांगे, ऐसा कहते हुए कामकाज को ठप्प कर दिया गया था। विपक्ष नेता ने जगताप को समझाया और फिर जगताप ने माफी मांगी। लेकिन नगरसेवक उससे भी संतुष्ट नहीं हुए।

 

सभापति उपमहापौर सुनीता वाडेकर (Chairman Deputy Mayor Sunita Wadekar) ने जगताप को भाषण देने की अनुमति नहीं दी तो जगताप ने सत्ताधारियों का विरोध करते हुए सभागृह ही त्याग दिया। उसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस के शहर अध्यक्ष नगरसेवक प्रशांत जगताप (Prashant Jagtap) ने सुभाष जगताप (Subhash Jagtap) की ओर से आयुक्त से माफी मांगी।

 

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