अयोध्या पर पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन, ‘विविधता में एकता हमारी पहचान’

नई दिल्ली : समाचार ऑनलाइन – अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब तक का सबसे बड़ा फैसला सुनाया है। सीजेआई रंजन गोगाई ने कहा कि विवादित जमीन राम लला विराजमान को दी जाए। वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने का भी फैसला दिया। सीजेआई ने कहा कि ये पांच एकड़ जमीन या तो अधिग्रहित जमीन से दी जाए या फिर अयोध्या में कहीं भी दी जाए।

 

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करे रहे है। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीएम मोदी पहली बार देश को संबोधित कर रहे है। इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गयी थी कि पीएम मोदी थोड़ी में देश को संबोधित करेंगे।

देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ‘आज सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे महत्वपूर्ण मामले पर फैसला सुनाया है, जिसके पीछे सैकड़ों वर्षों का दीर्घकालीन इतिहास है। पूरे देश की इच्छा थी कि इस मामले की अदालत में रोज सुनवाई हो, जो हुई और आज निर्णय आ चुका है। दशकों तक चली न्याय प्रकिया का अब समापन हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सबको सुना, बढ़े धैर्य से सुना। यह फैसला सर्व सहमति से आये। जिसके बाद मोदी ने देश के न्यायालय, न्याय मूर्ति सभी को धन्यवाद दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि इन सारी बातों को लेकर कभी भी, कहीं भी किसी के मन में कोई भी कटुता रही हो तो उसे भी तिलांजलि देने का दिन है। नए भारत में भय, कटुता, नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं है। मोदी ने आगे कहा कि ‘न्यायलय का यह फैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लाया है। अब नयी पीढ़ी साथ चले। एक नया भारत का निर्माण करते है। हमे सबका साथ लेकर सबका विकास करते हुए आगे ही आगे जाना है। राम मंदिर का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया है। अब राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी हम सबकी है। हमारी  जिन्मेदारी है कि हम न्यायपालिका, कानून व्यस्था बनाए रखे।

पीएम मोदी ने कहा कि आज अयोध्या पर फैसले के साथ ही 9 नवंबर की ये तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे ही है। आज के दिन का संदेश जोड़ने का है-जुड़ने का है और मिलकर जीने का है।

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