PM मोदी को खुद करनी चाहिए किसानों से बात, मुद्दे को इतना खींचना ठीक नहीं : राज ठाकरे

मुंबई : ऑनलाइन टीम – देश भर में पुछले कुछ महीनों से कृषि कानूनों को लेकर विरोध हो रहा है। गाजीपुर बॉर्डर पर किसान दिन रात धरना दे रहे है। यहां सैकड़ों किसान मौजूद है। इस बीच आज किसानों का देशभर में चक्का जाम है। इसे लेकर अब पुलिस प्रशासन भी अलर्ट पर है। ऐसे में अब एनएनएस चीफ राज ठाकरे ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

राज ठाकरे ने कृषि कानूनों के बारे में अपनी राय देते हुए कहा कि कृषि कानूनों से फायदा है, ये अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि इससे कुछ मुट्ठीभर लोगों को फायदा नहीं होना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि अगर कृषि मंत्री किसानों के साथ मिलकर इस मुद्दे का कोई हल नहीं निकाल पा रहे हैं, तो पीएम मोदी को खुद फोन कर किसानों से बात करनी चाहिए और इस मामले को खत्म करना चाहिए। MNS नेता ने कहा कि कृषि कानूनों का मुद्दा कुछ ज्यादा ही खिंच रहा है, जो किसी के लिए भी ठीक नहीं है। यह न ही सरकार के लिए ठीक है और न ही किसानों के लिए।

राज ठाकरे ने कहा कि रिहाना और ग्रेटा थनबर्ग जैसे लोगों को इतना महत्व देने की जरूरत नहीं है। राज ठाकरे ने कहा कि रिहाना का नाम पहले कोई नहीं जानता था, लेकिन आज सब जान गए। उसे इतना महत्व दिया ही क्यों जा रहा है। उन्होंने कहा कौन है ये बाई। एमएनएस नेता ने कहा कि सरकार को उसे जवाब देने की क्या जरूरत है।

औरंगाबाद का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के उत्तराधिकारी संभाजी के नाम पर किए जाने की मांग को लेकर राज ठाकरे ने शिवसेना और बीजेपी दोनों से ही सवाल किया। राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में जब शिवसेना और बीजेपी की सरकार थी, तब औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर क्यों नहीं किया। उन्होंने तंज सकते हुए कहा तब किसने रोका था।

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