Pimpri News | असंगठित मजदूरों की पंजीयन के जनजागृति करने की मांग

विधायक महेश लांडगे ने दिया श्रम मंत्री हसन मुश्रीफ को पत्र

पिंपरी : संवाददाता –  Pimpri News | राज्य में असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया धीमी गति से जारी है। परिणामस्वरूप मेहनतकश, असंगठित मजदूर केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। इसके मद्देनजर भाजपा के पिंपरी चिंचवड़ शहराध्यक्ष एवं विधायक महेश लांडगे (MLA Mahesh Landge) ने मांग की है कि असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए संबंधित क्षेत्र के संगठनों एवं यूनियनों को साथ लेकर जनजागरूकता पैदा की जाए। इस बारे में लांडगे ने श्रम मंत्री हसन मुश्रीफ (Hassan Mushrif) को एक पत्र लिखा है। (Pimpri News | Demand for public awareness of registration of unorganized laborers)

उन्होंने कहा कि, देश ने कोरोना के दौरान प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा देखी है। केंद्र सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए असंगठित श्रमिकों को पंजीकृत करने के लिए एक अभियान शुरू किया है। केंद्र 26 अगस्त, 2021 से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल (e-shram portal) पर पंजीकृत कर रहा है। पोर्टल पर मात्र 24 दिनों में 1 करोड़ 3 लाख 12 हजार 95 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है, जबकि महाराष्ट्र से केवल 2 लाख 91 हजार 922 असंगठित श्रमिकों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इसलिए, महाराष्ट्र में अपंजीकृत श्रमिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अधिक से अधिक पंजीकरण कराएं। हम मांग करते हैं कि इसके लिए जागरूकता पैदा की जाए और असंगठित कामगारों के लिए काम करने वाली यूनियनों से समन्वय किया जाए।

महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रहते हैं। राज्य में असंगठित श्रमिकों की इतनी कम संख्या में पंजीकृत होने के कारण, भविष्य में केंद्रीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अपंजीकृत श्रमिकों की संख्या में वृद्धि करने की आवश्यकता है। बिहार ई-पोर्टल पर पंजीकरण में अग्रणी है। प्रदेश में अब तक 22 लाख 32 हजार 549 असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है। सर्वाधिक पंजीकृत राज्यों की सूची में महाराष्ट्र 11वें स्थान पर है। बिहार के बाद ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का स्थान है। पोर्टल पर कुल पंजीकरण में से 43 प्रतिशत महिलाएं और 57 प्रतिशत पुरुष हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2019 के अनुसार, देश में लगभग 38 करोड़ असंगठित श्रमिक हैं। श्रम मंत्रालय ने कहा कि प्राथमिक उद्देश्य इन सभी श्रमिकों का पंजीकरण करना था।

15 राज्यों में पंजीकृत असंगठित कामगारों की संख्या 10,000 से भी कम है। 10 राज्यों में यह संख्या 10,000 से 1 लाख के बीच है। महाराष्ट्र और झारखंड में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की संख्या 1 से 3 लाख के बीच है। देश के 10 राज्यों में यह संख्या 3 लाख तक है। पंजीकृत श्रमिकों में से लगभग 45% 25 से 40 वर्ष के आयु वर्ग के हैं। 40-50 वर्ष आयु वर्ग के 21 प्रतिशत श्रमिक, 16 से 25 वर्ष के आयु वर्ग के 19 प्रतिशत और 50 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के 12 प्रतिशत श्रमिक परिवार में हैं। विभिन्न क्षेत्रों में असंगठित कामगारों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार करने की दिशा में यह पहला कदम है। इससे सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए श्रमिकों को विभिन्न स्थानों पर पंजीकरण करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। मजदूर वर्ग अब राज्य सरकार से अपेक्षा करता है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए पहल करे कि अधिक से अधिक असंगठित श्रमिकों को उनका अधिकार मिले।

 

Web Title : Pimpri News | Demand for public awareness of registration of unorganized laborers

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